सुदीप उपाध्याय, बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र के हरिगवां गांव से सामाजिक बहिष्कार का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव की महिला सरपंच को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाजपा नेता मंशाराम साहू द्वारा मंच पर माला पहनाए जाने के बाद खेरवार समाज ने इसे परंपरा के विरुद्ध मानते हुए पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। वहीं इस मामले में पीड़ित परिवार ने भाजपा नेता के खिलाफ थाने में शिकायत की है।

बताया जा रहा है कि महिला सरपंच के मंच पर सम्मानित होने का पहले उनके पति और समाज के कुछ लोगों ने विरोध किया। इसके बाद समाज ने बिना किसी बैठक के सरपंच के पूरे परिवार को एक साल के लिए समाज से बाहर कर दिया। समाज ने उन्हें दोबारा शामिल करने के लिए सामाजिक दंड के रूप में बकरा-भात खिलाने की शर्त भी रखी है। समाज का आरोप है कि कोई भी पुरुष या नेता महिला सरपंच को सार्वजनिक जगह पर माला नहीं पहना सकता है। भाजपा नेता को हाथ में माला देना था।

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पीड़ित परिवार ने भाजपा नेता के खिलाफ थाने में की शिकायत

पीड़ित परिवार का आरोप है कि सामाजिक बहिष्कार के कारण उन्हें सामाजिक आयोजनों और पारिवारिक कार्यक्रमों से दूर रखा जाने लगा तब इस बात का उन्हें पता चला। परिवार ने इस मामले में भाजपा नेता मंशाराम साहू के खिलाफ रघुनाथनगर थाने में शिकायत की है।

माला पहनाने में सामाजिक बहिष्कार अनुचित : एसडीएम

अब यह मामला केवल एक गांव तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक परंपराओं, महिलाओं के सम्मान, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक बहिष्कार जैसे गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है। मामले की गम्भीरता को देखते हुए अब प्रशासनिक अमला भी इस मामले को सुलझाने का प्रयास कर रही है। इस मामले में वाड्रफनगर के एसडीएम नीर निधि नन्देहा ने बताया कि सरपंच ने थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। समाज के लोगों को समझाइश दी जाएगी। माला पहनाने में सामाजिक रूप से बहिष्कार अनुचित है।

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