Dharm Desk – कई लोग लंबे समय से विदेश जाने या वहां बसने का सपना देखते है लेकिन हर बार कोई न कोई ऐसी रुकावट आ जाती है कि बात बनते-बनते बिगड़ ही जाती है। कभी ऐन मौके पर वीजा रिजेक्ट हो जाता है, कभी मन मुताबिक नौकरी नहीं मिलती, तो कभी घरेलू या आर्थिक स्थितियां आड़े आ जाती हैयदि आपके साथ भी ऐसा बार-बार हो रहा है, तो इसके पीछे केवल व्यावहारिक कारण ही नहीं, बल्कि आपकी कुंडली के ग्रह-नक्षत्र भी हो सकते है । ज्योतिष शास्त्र में जहां कुछ ग्रह विदेश यात्रा के द्वार खोलते हैं, वहीं कुछ ग्रहों की अशुभ स्थिति लगातार अड़चनें पैदा करती है।

विदेश जाने का रास्ता कुंडली के ये ग्रह-दोष रोकते हैं
- पीड़ित या कमजोर चंद्रमा-ज्योतिष में चंद्रमा को मन और यात्राओं का कारक माना गया है। यदि कुंडली में चंद्रमा पाप ग्रहों के प्रभाव में हो, नीच का हो या फिर जन्म अमावस्या के आस-पास हुआ हो, तो व्यक्ति मानसिक रूप से डगमगा जाता है। सही समय पर सही निर्णय न ले पाने के कारण विदेश यात्रा की योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह जाती हैं।
- आठवें भाव पर पाप प्रभाव- कुंडली का आठवां भाव अचानक आने वाली रुकावटों और अनहोनी को दर्शाता है। अरग इस भाव में क्रूर या पाप ग्रह बैठे हों, तो यात्रा से ठीक पहले कोई न कोई नया संकट खड़ा हो जाता है।
- बारहवां भाव और ग्रहों की मार- वैदिक ज्योतिष में बारहवां (12वां) भाव विदेश प्रवास, सुदूर यात्राओं और विदेश में बसने से जुड़ा होता है। यदि इस भाव पर राहु, शनि या सूर्य जैसे ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव हो, तो योग्यता होने के बाद भी विदेश से जुड़े मौके हाथ से निकल जाते हैं।
विदेश में करियर और सफताल के लिए जरूरी ग्रह
विदेश में पढ़ाई या नौरीक का सपना तभी पूरा होता है जब कुंडली के मुख्य ग्रह सहयोगी हों।
-बारहवां भाव: इसका मजबूत होना विदेश यात्रा का आधार है।
-शुभ राहु: राहु को अनपेक्षित अवसरों और विदेशी सीमाओं को लांघने का ग्रह माना जाता है। यदि राहु शुभ स्थिति में हो, तो विदेश के रास्ते आसानी से खुलते हैं।
-बृहस्पति (गुरु): गुरु सही दिशा, ज्ञान और बड़े मौके प्रदान करता है।
-शुक्र: विदेश में आरामदायक जीवन, सफलता और स्थायित्व देने के लिए शुक्र का मजबूत होना बेहद जरूरी है।
रुकावटों को दूर करने के कुछ असरदार उपाय
यदि आपके काम बार-बार अटक रहे हैं, तो इन ज्योतिषीय उपायों को आजमा सकते हैं।
-चंद्रमा को बल दें: सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करें और उन्हें सफेद फूल या अक्षत (चावल) अर्पित करे ।
-राहु-शनि के शांत उपाय: शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान करें या काले तिल बहते जल में प्रवाहित करें। इससे अचानक आने वाली बाधाएं कम होती है ।
-गुरु ग्रह का आशीर्वाद लें: बृहस्पतिवार (गुरुवार) के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनें और जरूरतमंदों को पीली वस्तुएं या भोजन दान करे।
-मानसिक स्पष्टता के लिए जाप: रोजाना कम से कम 108 बार ओम नमः शिवाय मंत्र का जप करें। इससे निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है और आत्म विश्वास बढ़ता है।


