कांकेर। शादियों में जहां आजकल दिखावा और लाखों रुपये खर्च करना आम बात हो गई है, वहीं कांकेर जिले के नरहरपुर ब्लॉक से एक ऐसी अनोखी शादी सामने आई है, जिसने सादगी और परंपरा की मिसाल पेश की है। नरहरपुर ब्लॉक के ग्राम चवाड़ निवासी कचरू सलाम ने अपनी शादी को खास बनाने के लिए आधुनिक तामझाम से दूरी बनाई और पारंपरिक तरीके को अपनाया। उन्होंने बैलगाड़ी में बारात निकालने का फैसला लिया।
कचरू अपनी बारातियों के साथ 2 से 3 बैलगाड़ियों में सवार होकर करीब 6 से 7 किलोमीटर का सफर तय करते हुए ग्राम ढेकूना पहुंचे। इस अनोखी बारात का रास्ते भर ग्रामीणों ने उत्साह के साथ स्वागत किया। गांव के लोग भी इस परंपरागत बारात का हिस्सा बने और बैलगाड़ियों में सवार होकर खुशी-खुशी शामिल हुए।
आधुनिक दौर में देसी अंदाज में निकली इस बारात ने जहां बुजुर्गों को पुराने दिनों की याद दिला दी, वहीं युवाओं के बीच भी यह पहल खास आकर्षण का केंद्र बनी रही।
दूल्हे कचरू सलाम ने बताया कि बैलगाड़ी से बारात निकालना उनकी पुरानी परंपरा का हिस्सा है। इससे फिजूल खर्च से बचाव होता है और हमारी संस्कृति भी जीवित रहती है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़कर रखना है।
लग्जरी कारों और दिखावे के इस दौर में बैलगाड़ी से निकली यह बारात एक मजबूत संदेश दे रही है कि सादगी में भी खुशियां पूरी तरह मौजूद होती हैं। यह पहल न केवल खर्चीली शादियों पर सवाल खड़े करती है, बल्कि लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के लिए भी प्रेरित करती है।
कचरू सलाम की यह अनोखी बारात अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश कर रही है।
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