सत्या राजपूत, रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में 29 और 30 सितंबर को छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया जाएगा। कृषक सभागार में होने वाले इस दो दिवसीय आयोजन में प्रदेशभर से करीब एक हजार युवा शामिल होंगे। आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर, आईआईआईटी नया रायपुर, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) आयोजन में सहयोगी होंगे।

युवाओं को मिलेगा नवाचार और स्टार्टअप का मंच
कॉन्क्लेव का उद्देश्य प्रदेश में नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इसके लिए युवाओं, उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप संस्थापकों, उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों, इनक्यूबेटर्स, मेंटर्स, शिक्षाविदों और विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
इस मंच पर नए विचारों, अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों को व्यावसायिक अवसरों और सफल उद्यमों में बदलने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही प्रदेश में मजबूत और आत्मनिर्भर स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने पर भी जोर रहेगा।
बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का होगा उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के प्रथम और एकमात्र बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर-केंद्रित ‘सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर’ के उद्घाटन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। यह केंद्र बायोटेक्नोलॉजी आधारित अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण संस्थागत आधार के रूप में काम करेगा।
केंद्र के माध्यम से शोधार्थियों और नवाचारकर्ताओं को प्रोटोटाइप विकास, तकनीकी मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन और मेंटरशिप के साथ उद्योग एवं निवेशकों से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
स्टार्टअप संवर्धन नीति 2025-30 के क्रियान्वयन पर जोर
कॉन्क्लेव का एक प्रमुख उद्देश्य छत्तीसगढ़ में लागू नवाचार एवं स्टार्टअप संवर्धन नीति 2025-30 के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना है। इसके जरिए युवाओं में नवाचार और उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय जरूरतों और समस्याओं के तकनीकी एवं व्यावसायिक समाधान विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
राज्य के स्टार्टअप्स और नवाचारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए भी आवश्यक मंच और अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
एग्रीटेक से एआई और फिनटेक तक पर चर्चा
कॉन्क्लेव में कृषि एवं एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण एवं जलवायु स्मार्ट तकनीक, फिनटेक सहित अन्य उभरते क्षेत्रों में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
चार तकनीकी सत्र, स्टार्टअप पिचिंग और प्रदर्शनी भी
दो दिवसीय कार्यक्रम में कुल चार तकनीकी सत्र आयोजित किए जाने प्रस्तावित हैं। इसके अलावा विशेषज्ञों के व्याख्यान, स्टार्टअप प्रदर्शनी, स्टार्टअप पिचिंग, निवेशक-स्टार्टअप संवाद, नीति संवाद, मेंटरशिप और इनक्यूबेशन सत्र भी होंगे। उत्कृष्ट नवाचारों और स्टार्टअप्स को सम्मानित करने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
एक हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद
कॉन्क्लेव में करीब एक हजार प्रतिभागियों की सहभागिता अपेक्षित है। इनमें युवा, उच्च शिक्षा के विद्यार्थी, शोधार्थी, स्टार्टअप संस्थापक, नवाचारकर्ता, उद्यमी, निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि, इनक्यूबेटर, मेंटर, शिक्षाविद और विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
आयोजन के जरिए प्रदेश के युवाओं को अपने नवीन विचारों और तकनीकी समाधानों को विशेषज्ञों, उद्योगों और संभावित निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे नए विचारों को उद्यम में बदलने और प्रदेश में स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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