शरद पाठक, छिंदवाड़ा। जिले के आदिवासी अंचल भूरा भगत के पास बिछबहरी गांव के स्कूल में बच्चों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की खबर का बड़ा असर हुआ है। स्कूल में अय्याशी करने के आरोप में अतिथि शिक्षिका और प्राचार्य पर बड़ी कार्रवाई की गई है। लल्लूराम डॉट कॉम में प्रकाशित और प्रसारित हुई खबर के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। लेडी टीचर को नौकरी से हटा दिया गया है, वहीँ प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।  

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बता दें कि स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को अपनी शिकायत रखने के लिए करीब 100 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचना पड़ा था। बच्चों का आरोप था कि प्रभारी प्राचार्य और महिला अतिथि शिक्षक अध्यापन के समय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। स्कूल का समय शाम 4:30 बजे तक निर्धारित होने के बावजूद बच्चों को दोपहर 3 बजे ही घर भेज दिया जाता है। इसके बाद दोनों शिक्षक कथित तौर पर शाम 7 बजे तक विद्यालय के एक कमरे में बंद रहते हैं। 

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छात्रों ने दोनों पर प्यार-मोहब्बत करने के भी आरोप लगाए थे। इस मामले को लल्लूराम डॉट कॉम में प्रमुखता से प्रकाशित किये जाने के बाद सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने संबंधित प्रभारी प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं अतिथि शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया गया है। खबर के असर से हुई इस त्वरित कार्रवाई ने लापरवाही बरतने वाले अन्य शिक्षकों में भी डर का माहौल बना दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस तरह की गतिविधियों में लिप्त अन्य कर्मचारी भी इससे सबक लेंगे। मामले में आगे की जांच जारी है। 

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