संजीत, झज्जर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ करने के लिए झज्जर जिले के गांव मुनीमपुर पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर झज्जर की उपायुक्त (डीसी) वर्षा खांगवाल ने पुष्प गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान डीसी ने मुख्यमंत्री को जिले में चल रहे विकास कार्यों, प्रशासनिक गतिविधियों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।

अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचा रहा है प्रशासन: डीसी वर्षा खांगवाल

मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि जिला प्रशासन सरकार की जनहितैषी नीतियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहा है। उन्होंने अवगत कराया कि जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर (आधारभूत ढांचा) से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

मुनीमपुर का ‘उत्कृष्टता केंद्र’ बढ़ाएगा किसानों की आय

डीसी ने मुख्यमंत्री को विशेष रूप से कृषि और बागवानी के क्षेत्र में किए जा रहे नए प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुनीमपुर में स्थापित बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence for Seed Production Technology) क्षेत्र में फूलों की खेती और गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इस केंद्र के माध्यम से स्थानीय किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अनुसंधान (रिसर्च) की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनकी फसल की गुणवत्ता सुधरेगी और आय में बढ़ोतरी होगी।

मुख्यमंत्री ने थपथपाई प्रशासन की पीठ, गुणवत्ता और पारदर्शिता के दिए निर्देश

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न सरकारी विभागों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उन्होंने झज्जर जिला प्रशासन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के हर क्षेत्र का संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। इसके साथ ही विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।