राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश में 3 महीने में 9 केस में मुख्य सचिव को पक्षकार बनाया गया है। अब अफसर मुकदमों से मुख्य सचिव का नाम हटवाएंगे। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में निकाय से संबंधित मुकदमों का मामला चल रहा है।
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मुख्य सचिव को नोटिस जारी न हों
दरअसल मुख्य सचिव का नाम विलोपित कराने की प्लानिंग बनी है। नाम हटवाने की प्रक्रिया विभागीय अफसर करेंगे। एसीएस, प्रमुख सचिव, सचिव और कलेक्टर कोर्ट में आवेदन देकर नाम हटवाएंगे, ताकि मुख्य सचिव को नोटिस जारी न हों। याचिकाओं में मुख्य सचिव को भी पक्षकार बनाया गया है।
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2025 में 88 में से 15 मामलों में मुख्य सचिव रिसपोंडेंट थे
जीएडी ने विभागों को निर्देश दिए कि मुख्य सचिव किसी भी विभाग के प्रभारी सचिव नहीं होते, इसलिए जहां भी उनका नाम जोड़ा गया है वो हटवाया जाए। इस साल 2026 में 38 मुकदमों में 9 में मुख्य सचिव रिसपोंडेंट हैं। दो मामले मुख्य सचिव के नाम से अवमानना के हैं। साल 2025 में 88 में से 15 मामलों में मुख्य सचिव रिसपोंडेंट थे।


