बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले सात दिनों तक मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने की प्रबल संभावना है। इसी क्रम में आज प्रदेश के 5 प्रमुख जिलों में भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि इन इलाकों में कुछ स्थानों पर वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की भी आशंका है, साथ ही इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
दक्षिण-मध्य हिस्सों में झमाझम के आसार, तापमान में उतार-चढ़ाव
राजधानी पटना समेत राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम मिला-जुला रहने का अनुमान है। मौसम विभाग की मानें तो पटना सहित दक्षिण-मध्य बिहार के विभिन्न इलाकों में 14 से 20 अगस्त के बीच रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस पूरी अवधि के दौरान प्रदेश का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।
बीते दिन यानी शुक्रवार को पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस दौरान शहर के कुछ हिस्सों में अच्छी वर्षा भी दर्ज की गई, जिसमें फुलवारीशरीफ में 57.4 मिलीमीटर और पटना एयरपोर्ट के आसपास 50.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इन जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम बिहार के जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है। विशेष तौर पर भभुआ, रोहतास और सीवान जिलों में भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अलग-अलग चरणों के तहत राज्य के कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने निचले और जलजमाव वाले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही खराब मौसम के दौरान लोगों से खुले स्थानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने से बदला मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक मजबूत मानसूनी ट्रफ लाइन बिहार के ऊपर से होकर गुजर रही है। इसके अतिरिक्त, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का एक नया क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) काफी मजबूत स्थिति में बना हुआ है। इन दोनों मौसमी गतिविधियों के संयुक्त प्रभाव के कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली हवाएं राज्य की ओर आ रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि मानसूनी बादलों की इस स्थिति के कारण मौसम में क्षेत्रीय विषमता देखने को मिल रही है। यही मुख्य वजह है कि राज्य के एक छोर पर स्थित कुछ जिलों में झमाझम तेज बारिश हो रही है, जबकि अन्य जिलों में बादलों की आवाजाही के बीच उमस और भारी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
सामान्य से 38 फीसदी कम बारिश, अब तक दर्ज हुआ 380 मिमी आंकड़ा
भले ही हालिया मानसूनी गतिविधियों से बारिश की आस बंधी हो, लेकिन इस पूरे मानसून सीजन के अब तक के आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। बिहार में इस वर्ष मानसून सीजन के दौरान सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक राज्य में लगभग 640 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी, परंतु इसके मुकाबले अब तक मात्र 380 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की जा सकी है।
यह आंकड़ा सामान्य औसत से लगभग 38 प्रतिशत कम है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि राज्य के अधिकांश जिलों में इस बार मानसून की बेरुखी के कारण वर्षा में भारी कमी आई है। हालांकि, विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आगामी सप्ताह में होने वाली लगातार बारिश से इस आंकड़े में कुछ हद तक सुधार देखने को मिल सकता है।


