पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आज 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर भव्य और गरिमामयी समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय पर्व पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सुबह 9 बजे झंडोत्तोलन करेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला अवसर है जब वे गांधी मैदान में तिरंगा फहराएंगे और राज्य की जनता को संबोधित करेंगे।
झांकियां और मुख्य आकर्षण
झंडोत्तोलन के ठीक बाद भव्य परेड की सलामी दी जाएगी, जिसके बाद विभिन्न सांस्कृतिक और कलात्मक कार्यक्रमों का दौर शुरू होगा। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के समारोह को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कुल 13 विभागों द्वारा अलग-अलग थीम पर आधारित झांकियां निकाली जाएंगी। इन झांकियों के माध्यम से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस राजकीय समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन, बिहार सरकार के तमाम मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य नेता शामिल होंगे। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भी इस कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराने की पूरी संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर सभी अतिथियों के बैठने और सुरक्षा के लिए विशेष और चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री का संदेश
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या और इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपने संदेश में उन्होंने लिखा, ‘आज हम स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। यह गौरवशाली अवसर हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान का स्मरण कराता है, जिनके संघर्ष से हमें स्वतंत्र भारत मिला।’ उन्होंने युवाओं से राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान भी किया है।
सुरक्षा और पुख्ता इंतजाम
गांधी मैदान और उसके आसपास सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 1500 सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है। पूरे परिसर की सुरक्षा पर पैनी नजर रखने के लिए आधुनिक सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके साथ ही, आम दर्शकों की सुविधा के लिए यातायात डायवर्जन, साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और आकर्षक लाइटिंग के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं ताकि उत्सव में शामिल होने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


