हेमंत शर्मा, इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक महिला ने ऐसा सवाल खड़ा किया है, जिसने प्रशासन और पुलिस दोनों को कटघरे में ला खड़ा किया है। खजराना क्षेत्र के बंगाली चौराहा स्थित शराब दुकान और उसके पास संचालित कथित अवैध अहाते को लेकर लंबे समय से शिकायत कर रही महिलाओं का आरोप है कि उनकी बात न पुलिस ने सुनी और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने। जब महिलाओं ने खुद वीडियो बनाकर सच्चाई सामने लाने की कोशिश की तो उनके साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की गई।

घटना के बाद पीड़ित महिला कविता रोकड़े ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मदद की गुहार लगाई। महिला ने कहा कि इंदौर को सिर्फ “स्वच्छ इंदौर” का नहीं बल्कि “सुरक्षित इंदौर” का भी नारा दिया जाना चाहिए।

“पुलिस कमिश्नर तक नहीं पहुंचने देते”

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के पास रोजाना बड़ी संख्या में लोग शराब पीते हैं। सड़क पर विवाद, हंगामा और अभद्रता की घटनाएं होती हैं। क्षेत्र की महिलाएं और परिवार लंबे समय से परेशान हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें पुलिस कमिश्नर तक नहीं पहुंचने दिया गया। स्थानीय स्तर पर शिकायतें दबा दी गईं और समस्या जस की तस बनी रही।

वीडियो बनाने गईं तो हुआ विवाद

महिला के अनुसार, शनिवार रात वह अन्य महिलाओं के साथ कथित अवैध गतिविधियों का वीडियो बनाने पहुंची थीं। इसी दौरान शराब दुकान से जुड़े कुछ लोगों ने विरोध किया और विवाद शुरू हो गया। महिला का आरोप है कि उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की गई और उनके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की गई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद मामला शहरभर में चर्चा का विषय बन गया।

पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप

महिला ने वीडियो में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना के बाद मौके पर पहुंचे कुछ पुलिसकर्मियों ने एफआईआर दर्ज कराने के बजाय उन्हें समझाने की कोशिश की। महिला का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने कहा कि आरोपी प्रभावशाली और पैसे वाले लोग हैं, इसलिए कार्रवाई का कोई खास फायदा नहीं होगा। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन महिला के बयान ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सोशल मीडिया से सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंची आवाज

स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाने वाली महिला ने आखिरकार सोशल मीडिया का सहारा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संबोधित वीडियो वायरल होते ही मामला भोपाल तक पहुंच गया। इसके बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई।

कलेक्टर का एक्शन, शराब दुकान सील

मामले ने तूल पकड़ा तो इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और विवादों में घिरी शराब दुकान को सील कर दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

सबसे बड़ा सवाल

देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाले इंदौर में अब सवाल स्वच्छता से आगे बढ़कर सुरक्षा पर खड़ा हो गया है। यदि रहवासी महिलाओं को अपनी शिकायत सुनाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़े और कार्रवाई तब हो जब मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचे, तो स्थानीय व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

फिलहाल दुकान सील हो चुकी है, जांच जारी है, लेकिन अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सिर्फ दुकान सील होने तक मामला सीमित रहेगा या फिर महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होगी।

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