भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री 23 मई को सिंगरौली जिले के प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता की अपील का पालन करते हुए सादगी की मिसाल पेश की। सिंगरौली पहुंचते ही सीएम डॉ. मोहन जनप्रतिनिधियों के साथ टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल एनसीएल ग्राउंड पहुंचे। इस दौरान उन्होंने काफिला पूरी तरह त्याग दिया। यह कदम उठाकर उन्होंने संदेश दिया कि किसी जनप्रतिनिधि की पहचान प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि जनता का प्रेम और उसकी सेवा है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ बस में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री व सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री संपतिया उइके, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक सिंगरौली रामनिवास शाह, विधायक देवसर राजेंद्र मेश्राम, विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम, विधायक सिंहावल विश्वामित्र पाठक और मध्यप्रदेश गृह एवं अधोसंरचना निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय, जनप्रतिनिधि कांतदेव सिंह एवं सुंदरलाल शाह भी उपस्थित थे।

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जनसेवा के मुल्यों के साथ काम करने की प्रेरणा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सरल और सहज अंदाज नागरिकों को भा गया। बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया कि जनप्रतिनिधियों की पहचान केवल पद और प्रोटोकॉल से नहीं, बल्कि जनता से जुड़ाव, सादगी और सेवा भावना से होती है। मुख्यमंत्री का यह कदम प्रधानमंत्री मोदी के उस मितव्ययितापूर्ण दृष्टिकोण को भी प्रतिबिंबित करती है, जिसमें जनप्रतिनिधियों को सादगी, अनुशासन और जनसेवा के मूल्यों के साथ काम करने की प्रेरणा दी जाती है।

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