रेणु अग्रवाल, धार। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज धार प्रवास के दौरान जल स्रोतों के पुनरुद्धार और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत ऐतिहासिक देवी सागर तालाब (देवीजी तालाब) पर पहुंचकर खुद श्रमदान किया। सीएम खुद फावड़ा चलाकर तालाब परिसर की साफ-सफाई की और उपस्थित जनसमुदाय को जल संरचनाओं को सहेजने का संकल्प दिलाया।
धार की ऐतिहासिक जल प्रबंधन प्रणाली की सराहना
श्रमदान के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि ‘धार के परमार राजाओं, प्रसिद्ध राजा भोज और बाद में पवार शासकों ने जल संरक्षण की अद्भुत तकनीकों का विकास किया था। धार नगर के साढ़े 12 तालाब उत्कृष्ट इंजीनियरिंग का अनूठा उदाहरण हैं, जहां ऊपरी तालाबों का अतिरिक्त पानी बहकर इस झील में आता था और पूरे शहर की जलापूर्ति सुनिश्चित करता था।’
मुख्यमंत्री ने 12.4560 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले इस विशाल देवी सागर तालाब को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नगरीय निकाय और स्थानीय सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए जा रहे जन-जागृति अभियान की सराहना की।
जल गंगा संवर्धन अभियान’ से समृद्ध होगा मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी पारंपरिक जल स्रोतों, कुओं, बावड़ियों और तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। देवीजी तालाब के पास स्थित ऐतिहासिक गढ़ कालिका मंदिर की महत्ता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरें इन जल स्रोतों से गहराई से जुड़ी हुई हैं। तालाबों का पानी स्वच्छ रहेगा, तो हमारी संस्कृति और प्रकृति दोनों जीवंत रहेंगे।]

