सरोज कुमार गुप्ता, सीतामढ़ी। उत्तर बिहार के लिए बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। दरअसल मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोन बरसा खंड को फोरलेन मानक में उन्नत करने की केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति द्वारा परियोजना को स्वीकृति दिए जाने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
3,590 करोड़ की लागत से 82 किमी बनेगा मार्ग
केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद करीब 3,590.73 करोड़ रुपये की लागत से 82.578 किलोमीटर लंबे मार्ग का उन्नयन किया जाएगा। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह मार्ग उत्तर बिहार के विकास को नई गति प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट साबित होगा।
मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा के लोगों को होगा सीधा लाभ
फोरलेन परियोजना के पूरा होने से मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा क्षेत्र के लोगों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। सड़क की क्षमता बढ़ने से इन क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा और लोगों का समय भी बचेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस परियोजना से उत्तर बिहार में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके साथ ही क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क मजबूत होगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि उत्पादों के परिवहन में आएगी तेजी
परियोजना का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र की कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा होगी। किसानों और व्यापारियों को बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी तथा व्यापार एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है। सीएम सम्राट ने कहा कि परियोजना से क्षेत्र में रोजगार एवं आर्थिक अवसरों का विस्तार होगा। बेहतर सड़क संपर्क से उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को भी नई गति मिलेगी।
व्यापार, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
फोरलेन सड़क बनने के बाद मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी और सोनबरसा की ओर जाने वाले मार्ग पर आवागमन और परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ उद्योगों के विकास के लिए भी बेहतर वातावरण तैयार होगा। सड़क संपर्क बेहतर होने से माल ढुलाई और व्यवसायिक वाहनों की आवाजाही में सुविधा होगी। इसका सकारात्मक प्रभाव स्थानीय बाजार, व्यापार और रोजगार पर पड़ने की उम्मीद है।
उत्तर बिहार के विकास को मिलेगी नई गति
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बिहार के आधारभूत संरचना विकास को निरंतर मजबूती प्रदान कर रही है। मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा फोरलेन परियोजना बिहार के विकास की गति को तेज करने और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र में कृषि, व्यापार, उद्योग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से उत्तर बिहार के विकास को और मजबूत आधार मिलेगा।
सीमावर्ती क्षेत्रों को भी मिलेगा लाभ
मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा मार्ग उत्तर बिहार के महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ता है। सोनबरसा क्षेत्र सीमावर्ती इलाका होने के कारण इस मार्ग की कनेक्टिविटी का महत्व और बढ़ जाता है। फोरलेन उन्नयन से सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन और संपर्क व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से संबंधित क्षेत्रों के विकास को भी नई गति मिलेगी। परियोजना को विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
पीएम मोदी के प्रति जताया आभार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के प्रति केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग राज्य के समृद्ध और विकसित बिहार के संकल्प को और मजबूती प्रदान कर रहा है।
एक नजर में परियोजना
परियोजना: मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा फोरलेन उन्नयन।
कुल लंबाई: 82.578 किलोमीटर।
अनुमानित लागत: 3,590.73 करोड़ रुपये।
निर्माण मॉडल: हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM)।
प्रमुख लाभ: बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, सुरक्षित एवं सुगम आवागमन, कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा, व्यापार-उद्योग को बढ़ावा तथा रोजगार एवं आर्थिक अवसरों का विस्तार।
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