विनोद सैनी, हिसार. हिसार में घरेलू गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण में अनियमितताओं की सूचना मिलने पर सीएम फ्लाइंग और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एचएलआरडीसी गैस एजेंसी (बीपीसीएल) हिसार के कार्यालय और गोदाम पर छापेमारी की।
जांच के दौरान एजेंसी द्वारा नियमों के विपरीत एक अवैध गोदाम में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों का भंडारण किए जाने का मामला सामने आया। टीम ने मौके से कुल 881 गैस सिलेंडर बरामद किए और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को शिकायत सौंप दी।
रेड का नेतृत्व सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने किया और उनके साथ टीम में सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी श्रवण कुमार, निरीक्षक सुरेंद्र, ईएसआई कृष्ण, एएसआई सुरेंद्र तथा एचसी जितेंद्र सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार सीएम फ्लाइंग टीम को सूचना मिली थी कि हिसार स्थित एचएलआरडीसी गैस एजेंसी में गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण को लेकर कई प्रकार की गंभीर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। जिसके आधार पर संयुक्त टीम ने एजेंसी के कार्यालय और संबंधित परिसर में जांच शुरू की।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि गैस एजेंसी का अधिकृत और स्वीकृत गोदाम किसी अन्य स्थान पर है, लेकिन एजेंसी संचालकों द्वारा कार्यालय परिसर के साथ बने एक बड़े हॉल को अवैध गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। यहां बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों का भंडारण किया गया था, जबकि इसके लिए किसी प्रकार की वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी।
अवैध गोदाम से 881 सिलेंडर बरामद
टीम द्वारा की गई गणना में अवैध गोदाम से निम्नलिखित सिलेंडर बरामद हुए, जिसमें 14.2 किलोग्राम क्षमता के 619 खाली घरेलू गैस सिलेंडर तथा 241 भरे हुए घरेलू गैस सिलेंडर। 5 किलोग्राम क्षमता के 16 खाली कमर्शियल सिलेंडर तथा 5 भरे हुए कमर्शियल सिलेंडर मिले है। इस प्रकार कुल 881 गैस सिलेंडर अवैध रूप से भंडारित पाए गए।
रिकॉर्ड में भी मिलीं कई खामियां
जांच के दौरान अधिकारियों को गैस सिलेंडरों की आवाजाही और वितरण से संबंधित रिकॉर्ड भी अधूरा मिला। मौके पर रजिस्टर पूर्ण रूप से अपडेट नहीं पाए गए तथा गेट पास और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का भी समुचित रखरखाव नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार रिकॉर्ड में कई विसंगतियां पाई गई हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।
सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी
टीम ने पाया कि जहां गैस सिलेंडरों का भंडारण किया गया था, वहां सुरक्षा मानकों का भी गंभीर उल्लंघन हो रहा था। परिसर में पर्याप्त अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे और न ही किसी संभावित दुर्घटना से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। गोदाम के अंदर ही गैस पर लकड़ियां जलाई जा रही थी। जिससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जिस स्थान पर यह अवैध गोदाम संचालित किया जा रहा था, उसके आसपास हिसार एयरपोर्ट, जिला पुलिस लाइन, महिला थाना, सदर थाना तथा अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थित हैं। इन क्षेत्रों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की आगजनी या दुर्घटना की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था।
उपभोक्ताओं से वसूला जा रहा था होम डिलीवरी शुल्क
छापेमारी के दौरान कुछ उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए मौके पर पहुंचे हुए थे। जांच में सामने आया कि उपभोक्ताओं से होम डिलीवरी शुल्क लिया जा रहा था, जबकि उन्हें सिलेंडर इसी अवैध गोदाम से सीधे उपलब्ध करवाए जा रहे थे। अधिकारियों ने इसे गैस वितरण नियमों का उल्लंघन माना है।
जब टीम ने कर्मचारियों से अवैध गोदाम के संबंध में अनुमति और दस्तावेज मांगे, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और न ही किसी प्रकार का वैध अनुमति पत्र प्रस्तुत कर पाए।
पुलिस को दी गई शिकायत
प्राथमिक जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद संयुक्त टीम ने एजेंसी संचालकों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दी है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है।

नियमों का पालन करें गैस एजेंसी संचालक: सुनैना
सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने कहा कि सभी गैस एजेंसी संचालकों को केवल स्वीकृत और लाइसेंस प्राप्त गोदामों में ही गैस सिलेंडरों का भंडारण करना चाहिए। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पर्याप्त अग्निशमन यंत्र और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखना अनिवार्य है।
उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि गैस सिलेंडर प्राप्त करते समय उसका वजन अवश्य जांचें ताकि उन्हें निर्धारित मात्रा में गैस मिल सके। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह गैरकानूनी है और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल गैस कनेक्शन एवं कमर्शियल सिलेंडरों का ही उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार का निर्देश हैं कि गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रहे। यदि कोई एजेंसी संचालक नियमों का उल्लंघन करता है, कालाबाजारी में संलिप्त पाया जाता है या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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