Odisha Desk, पुरी: पवित्र रथयात्रा के दौरान देवी सुभद्रा के ‘देवदलन’ (दर्पदलन) रथ पर एक अनधिकृत व्यक्ति के चढ़ने की घटना को लेकर श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने कड़ा रुख अपनाया है। सेवादार का वेश धारण कर रथ पर चढ़ने वाले संदिग्ध व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुरी के सिंहद्वार थाने में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।
इस वर्ष आयोजित ऐतिहासिक रथयात्रा के दौरान घटी इस घटना को मंदिर प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। वार्षिक उत्सव के दौरान देवी सुभद्रा के देवदलन रथ पर एक व्यक्ति के खड़े होने की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी। तस्वीरों में वह व्यक्ति भगवा वस्त्र पहने नजर आ रहा था और उसने दैतापति सेवादार जैसी वेशभूषा धारण कर रखी थी। मामला संज्ञान में आते ही श्रीमंदिर प्रशासन तुरंत हरकत में आया और जांच के आदेश दिए।
श्रीमंदिर के तय नियमों के अनुसार, रथयात्रा के समय रथों पर केवल निर्दिष्ट एवं अधिकृत सेवादारों को ही रहने की अनुमति होती है। किसी भी अन्य गैर-सेवादार या अनधिकृत व्यक्ति का रथ पर चढ़ना पूरी तरह से वर्जित है।
सिंहद्वार थाने में दी गई शिकायत में प्रशासन ने पुलिस से अनुरोध किया है कि, वायरल फोटो के आधार पर आरोपी व्यक्ति की पहचान जल्द से जल्द की जाए।धार्मिक परंपराओं और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
“मर्यादा और परंपरा से कोई समझौता नहीं”
श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ. अरबिंद कुमार पाढ़ी ने कहा है कि रथ पर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या गैर-कानूनी गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्रीमंदिर की प्राचीन परंपराओं, गरिमा और सुरक्षा को अक्षुण्ण रखने के लिए आगे भी कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे।
रथयात्रा जैसे महापर्व में अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन अब और अधिक मुस्तैद हो गया है। अनधिकृत प्रवेश के इस मामले में पुलिस की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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