CM Mohan Majhi Diwali Celebration: भुवनेश्वर. मुख्यमंत्री मोहन माझी दिवाली के पावन अवसर पर अपने घर लौटे और क्योंझर जिले में स्थित अपने जन्मस्थान रायकला गांव में परिवार तथा साथी ग्रामीणों के साथ त्योहार में शामिल हुए. उन्होंने पारंपरिक वाद्य यंत्र मादल बजाकर दीपावली मनाई.
एक ट्वीट में मुख्यमंत्री ने इस दिन को ‘अत्यंत आनंद’ का स्रोत बताया और कहा कि गांव की महान संस्कृति, परंपराएं और लोगों की गर्मजोशी उन्हें निरंतर प्रेरित और सशक्त बनाती हैं.
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माझी ने लिखा, “पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए, सभी के साथ मादल बजाकर त्योहार मनाना मेरे लिए एक अनूठा अनुभव था.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दीपावली सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं है, बल्कि यह ओडिशा की समृद्ध विरासत, ओड़िया पहचान और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है.
उन्होंने मां काली और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की और राज्य भर में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव का आशीर्वाद मांगा.
CM Mohan Majhi Diwali Celebration. मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि हम सभी एकजुट होकर अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए, एक नए, विकसित और समृद्ध ओडिशा के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेंगे.”
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उन्होंने लिखा, “आज पवित्र दीपावली के अवसर पर मैं अपने जन्मस्थान रायकला गांव में अपने परिवार और साथी ग्रामीणों के साथ शामिल हुआ और अपार आनंद प्राप्त किया. इस भूमि की महान संस्कृति, परंपराएं और सौहार्द मुझे हमेशा शक्ति और प्रेरणा प्रदान करते हैं. पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए, सभी के साथ मादल बजाकर त्योहार मनाना मेरे लिए एक अनूठा अनुभव था. यह त्योहार केवल रोशनी का त्योहार नहीं है, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, ओड़िया पहचान और प्रकृति के प्रति हमारी भक्ति का प्रतीक है. इस शुभ दिन पर मैं मां काली और मां लक्ष्मी से प्रार्थना करता हूं कि ओडिशा के सभी लोगों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव का प्रकाश भर जाए. मुझे विश्वास है कि हम सभी एकजुट होकर अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए, निस्संदेह एक नए, विकसित और समृद्ध ओडिशा के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेंगे.”

