हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित मैंगो जतरा में मुख्यमंत्री मोहन यादव पहुंचे और मंच से किसानों को लेकर बड़ा संदेश दिया। अपने उद्बोधन में उन्होंने साफ कहा कि प्रदेश सरकार इस साल को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मना रही है और इसी सोच के साथ ऐसे आयोजनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रत्नागिरी–देवगढ़ का हापुस आम पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है। इसकी “धाक और साख” वैश्विक स्तर पर है, और मालवा में इस तरह का आयोजन किसानों और बाजार के बीच मजबूत कड़ी का काम कर रहा है। उन्होंने इसे सिर्फ व्यापार नहीं बल्कि आंतरिक एकाग्रता और जुड़ाव का माध्यम बताया। सीएम ने कहा कि हापुस आम रत्नागिरी से चलकर जब मां अहिल्या की नगरी इंदौर पहुंचता है, तो यह सिर्फ फल नहीं बल्कि किसानों की मेहनत और परंपरा भी साथ लाता है।
उन्होंने किसानों से चर्चा का जिक्र करते हुए बताया कि कई किसान पिछले 10 से 15 वर्षों से इस जतरा में आ रहे हैं और हर बार उनका पूरा माल यहीं बिक जाता है।अपने खास अंदाज में मुख्यमंत्री ने रत्नागिरी के किसानों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिनके बगीचों में हापुस आम होता है, उनकी पर्सनालिटी, चेहरे की चमक और आंखों की दमक भी अलग ही नजर आती है—वह क्षेत्र अपने आप में अनोखा है। कार्यक्रम के दौरान 24 किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 11-11 हजार रुपये प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने सभी किसानों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।

