पठानकोट। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के दौरे के दौरान आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। सुजानपुर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की मौजूदा सरकार ने जनता के हितों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधनों का सही उपयोग करने के बजाय सरकार ने लोगों को निराश किया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पंजाब के संसाधनों का इस्तेमाल अन्य राज्यों में राजनीतिक गतिविधियों के लिए कर रहे हैं।

पंजाब के हालात पर जताई चिंता

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पंजाब के किसान और बाढ़ प्रभावित परिवार अब भी मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं, जबकि सरकार ने उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब का आम नागरिक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है और राज्य में बेरोजगारी व नशे जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।

माधोपुर में डॉ. मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि

अपने एक दिवसीय पठानकोट और जालंधर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सैनी सबसे पहले माधोपुर पहुंचे, जहां उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने सुजानपुर में आयोजित जनसभा में लोगों को संबोधित किया।

युवाओं के पलायन और किसानों का मुद्दा उठाया

सैनी ने कहा कि रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के कारण पंजाब के युवा विदेशों का रुख कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। इसके विपरीत उन्होंने दावा किया कि हरियाणा सरकार राज्य की 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कर रही है।

महिलाओं से किए वादों पर भी साधा निशाना

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2022 में महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये देने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस योजना को लागू नहीं किया जा सका। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा सरकार ने महिलाओं के लिए अपने पहले बजट में पांच हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया और पहले ही वर्ष में 1600 करोड़ रुपये उनके खातों में स्थानांतरित किए।भाजपा सरकार बनने का किया दावासैनी ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले जनता से किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि हरियाणा में भाजपा ने चुनाव के दौरान 217 संकल्प लिए थे, जिनमें से 66 संकल्प पहले वर्ष में ही पूरे कर दिए गए हैं।