हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिख समाज को एक बेहद बहादुर कौम बताते हुए कहा कि देश और धर्म की रक्षा में उनके सर्वोच्च बलिदानों पर पूरे राष्ट्र को गर्व है। चंडीगढ़ में आयोजित धन्यवाद कार्यक्रम में उन्होंने सिख गुरुओं की स्मृति में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों का विवरण दिया।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिख समाज की वीरता और धर्म रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदानों को नमन करते हुए कहा कि सिख एक बहादुर कौम है, जिसने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने सिर तक कुर्बान कर दिए, लेकिन कभी झुके नहीं। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं और साहिबजादों की महान विरासत पर आज पूरा देश गर्व करता है। मुख्यमंत्री शनिवार को हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में सिख संगत द्वारा आयोजित धन्यवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सिख संगत ने उन्हें कृपाण और सरोपा भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव जी से लेकर दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी तक सभी गुरुओं ने समाज को सेवा, समानता और साहस का मार्ग दिखाया है। उन्होंने ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी और चारों साहिबजादों के बलिदान को भारत की संस्कृति और धर्म की रक्षा का महान अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। करतारपुर कॉरिडोर, वीर बाल दिवस और सिख विरासत स्थलों के विकास जैसे कदम इसी दिशा का हिस्सा हैं।

नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार भी सिख समाज के सम्मान और गुरुओं की विरासत को सहेजने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यमुनानगर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज और अंबाला पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा टोहाना-जींद-धमतान साहिब रोड का नाम ‘श्री गुरु तेग बहादुर मार्ग’ रखा गया है। असंध कॉलेज का नाम बाबा फतेह सिंह जी तथा लखनौर साहिब में माता गुजर कौर के नाम से संस्थान स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हरियाणा सरकार ने ‘स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना’ शुरू की है। इसके तहत श्री हजूर साहिब, ननकाना साहिब, हेमकुंड साहिब और पटना साहिब की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को वित्तीय सहायता दी जा रही है। साथ ही, कुरुक्षेत्र और सिरसा से श्री हजूर साहिब, नांदेड़ के लिए विशेष ट्रेनें भी चलाई गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गुरु साहिबानों की शिक्षाओं और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम करती रहेगी।