चंडीगढ़ में धानक समाज के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समाज के कल्याण का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार साल 2029 तक अपने सभी संकल्पों और वादों को पूरी तरह पूरा करेगी।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार धानक समाज के सम्मान, अधिकार और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। समाज के बच्चों को बेहतर भविष्य देना और वंचित वर्गों को आगे बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री शनिवार को चंडीगढ़ में धानक समाज के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 29 जून को भिवानी में संत कबीर जयंती बड़े स्तर पर मनाई जाएगी। इसके अलावा पंजाब के अबोहर और लुधियाना में आयोजित कार्यक्रमों में भी वे शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार 2029 तक किए गए सभी वादों को पूरा करेगी। अब तक 63 संकल्प पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 153 संकल्पों पर तेजी से काम जारी है।
नायब सैनी ने कहा कि धानक समाज का इतिहास स्वाभिमान, त्याग और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा रहा है। संत कबीर दास के संदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि श्रम ही सम्मान का सबसे बड़ा आधार है और समाज की मेहनत ही उसकी असली ताकत है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक कुछ दलों ने समाज को केवल वोट बैंक समझा, जबकि भाजपा सरकार ने अनुसूचित जाति समाज के वंचित वर्गों को वास्तविक अधिकार देने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जातियों के 20 प्रतिशत आरक्षण में से 10 प्रतिशत हिस्सा विशेष रूप से वंचित अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित किया गया है, जो सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को करोड़ों वंचितों के सपनों का निर्माता बताते हुए कहा कि समान अधिकार और सम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा संविधान से मिली है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीबों के आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर लगातार काम किया है। प्रदेश में 1.60 लाख मकान पात्र परिवारों को दिए जा चुके हैं, जबकि 16,500 जरूरतमंद परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लॉट देकर प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर मकान भी उपलब्ध कराए गए हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत लाखों मरीजों का मुफ्त इलाज हुआ है और बुजुर्गों को 3200 रुपये पेंशन के साथ महिलाओं को लाडो-लक्ष्मी योजना के तहत हर माह 2100 रुपये दिए जा रहे हैं।

