० सिरसा दौरे पर मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का किया दावा, जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में अधिकारियों को भी दी सख्त चेतावनी
सिरसा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सिरसा में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देकर युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है और भ्रामक राजनीति को सफल नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पिछले वर्षों में भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है। उन्होंने दावा किया कि नीट, कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) समेत सभी प्रमुख परीक्षाएं शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने व्यापक इंतजाम किए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
छात्र आंदोलन पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपनी जमीन खो चुके हैं और अब छात्रों के बीच भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए वह हर मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार योग्य युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य में शिक्षा व्यवस्था चिंताजनक स्थिति में है और हाल ही में एक्साइज इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से जुड़े मामलों ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि युवाओं का विश्वास बना रहे।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में सख्त रुख
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी अधिकारियों पर भी सख्त नजर आए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने और अनियमितता या भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) से जुड़े एक मामले में मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड फ्लैटों के कब्जे से जुड़े मामलों में पात्र लोगों को बिना देरी कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने एक अन्य मामले में विजिलेंस जांच के आदेश देते हुए दोहराया कि हरियाणा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।


