CM Rekha Gupta Final Warning to Delhi Private schools: मनमानी फीस बढ़ोतरी को लेकर दिल्ली सीएम CM रेखा गुप्ता ने प्राइवेट स्कूलों को अंतिम वॉर्निंग दी है। दिल्ली सीएम ने साफ कहा कि फीस पर मनमानी अब नहीं चलेगी। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार के नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर जुर्माना लगाने, उनकी मान्यता रद्द करने और गंभीर मामलों में स्कूल प्रबंधन का अधिग्रहण करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
दरअसल प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायत के बाद दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने गैर निजी सहायता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाया है। अब सरकार इन स्कूलों में मनमानी ढंग से फीस बढ़ोतरी के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
सरकार ने नई समिति के तहत सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को 15 जुलाई, 2026 तक स्कूल स्तर पर शुल्क विनियमन समिति गठित करने का निर्देश दिया है। यह समिति फीस से जुड़े हर प्रस्ताव की समीक्षा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि शुल्क वृद्धि तय नियमों और वास्तविक जरूरतों के अनुरूप ही हो। नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्कूल प्रबंधन अपनी मर्जी से फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकेगा। किसी भी शुल्क प्रस्ताव को समिति के समक्ष रखा जाएगा, जहां उसकी वित्तीय जरूरतों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच होगी।
शिक्षा मंत्री ने दिया सख्त संदेश
बता दें नई समिति के अंतर्गत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई स्कूल प्रबंधन शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को प्रभावित करने, समिति के काम में हस्तक्षेप करता है तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में आर्थिक दंड के साथ मान्यता रद्द करने और जरूरत पड़ने पर स्कूल प्रबंधन का अधिग्रहण करने का भी प्रावधान है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकार की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 का मकसद फीस निर्धारण को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। आगे कहा कि किसी भी स्कूल को छिपे हुए शुल्क या मनमानी बढ़ोतरी के जरिए अभिभावकों से अतिरिक्त राशि वसूलने की अनुमति नहीं होगी।
पारदर्शिता के लिए लॉटरी से होगा चयन
सरकार ने साफ किया है कि शुल्क विनियमन समिति में अभिभावक और शिक्षक प्रतिनिधियों का चयन सार्वजनिक लॉटरी के जरिए किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी और सरकार की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक इसकी निगरानी करेंगे. स्कूलों को लॉटरी आयोजित करने से कम-से-कम सात दिन पहले सार्वजनिक सूचना जारी करनी होगी, ताकि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष बनी रहे।
अभी पुरानी फीस ही ले सकेंगे स्कूल
सरकार के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट के अंतरिम निर्देशों के अनुपालन में नई शुल्क संरचना को अंतिम मंजूरी मिलने तक सभी निजी स्कूल शैक्षणिक सत्र 2025-26 के अनुसार ही फीस वसूलेंगे। यदि किसी स्कूल ने इस दौरान अतिरिक्त शुल्क लिया है, तो उसका अंतिम फैसला न्यायालय के आदेश के आधार पर होगा। अतिरिक्त वसूली की गई राशि जरूरत पड़ने पर अभिभावकों को लौटाई जाएगी या आगे की फीस में समायोजित की जाएगी।
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