कुंदन कुमार, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज शुक्रवार (1 मई) को बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को अपनी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। सीएम सम्राट ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि, भगवान बुद्ध का जीवन हर किसी के लिये प्रेरणादायी है। उनके जीवन दर्शन से हमें प्रेम, शांति, सद्भाव, त्याग, अहिंसा एवं संयम जैसे गुणों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि, भगवान बुद्ध का जीवन हम सभी के लिए आदर्श है। भगवान बुद्ध के बताए हुए अष्टांगिक मार्ग पर चलकर मनुष्य सम्यक और संतुलित जीवन यापन करने में सक्षम हो सकता है। इस मौके पर उन्होंने कामना की है कि भगवान बुद्ध की शिक्षा को आत्मसात कर हम आपसी प्रेम और सद्भाव की भावना और मजबूत करें।

सीएम ने सुनी भगवान सत्यनारायण की कथा

बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर सीएम सम्राट चौधरी ने सुबह सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया एवं श्रीहरि का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर समस्त बिहारवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना है कि समाज में धर्म, करुणा और मानवता का प्रकाश निरंतर बढ़ता रहे।

पूर्व सीएम नीतीश ने भी दी शुभकामनाएं

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने भी राज्यवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि, भगवान बुद्ध का जीवन हर किसी के लिए प्रेरणादाई है। उनके जीवन दर्शन से हमें प्रेम, शांति, सद्भाव, त्याग, अहिंसा एवं संयम जैसे गुणों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है। भगवान बुद्ध के बताए हुए अष्टांगिक मार्ग पर चलकर मनुष्य सम्यक और संतुलित जीवन यापन करने में सक्षम हो सकता है। भगवान बुद्ध की शिक्षा को आत्मसात कर हम आपसी प्रेम और सद्भाव की भावना और मजबूत करें।

अनुयायियों के लिए बेहद खास दिन

बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बेहद खास और पवित्र दिन माना जाता है। हर साल ये त्योहार वैशाख पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन की खासियत यह है कि भगवान बुद्ध के जीवन की तीन बड़ी घटनाएं इसी तारीख से जुड़ी हैं।लुम्बिनी में उनका जन्म, ज्ञान की प्राप्ति और कुशीनगर में महापरिनिर्वाण। यह पर्व सिर्फ एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश देता है। भगवान बुद्ध ने सिखाया था कि नफरत का जवाब नफरत से नहीं, बल्कि प्रेम और दया से देना चाहिए। यही सीख आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।

भगवान बुद्ध के उपदेशों का स्मरण

बुद्ध पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु सुबह स्नान करके भगवान बुद्ध की पूजा करते हैं और उनके उपदेशों का स्मरण करते हैं। इस दिन मंदिरों में भिक्षु और विद्वान बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डालते हैं। वहीं, इसके अलावा कई स्थानों पर आज के दिन लोग एकत्र होकर धर्म प्रवचन सुनते और सामूहिक ध्यान भी करते हैं।

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