Delhi CNG Price Hike: राजधानी दिल्ली में मंगलवार सुबह एक बार फिर CNG के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सुबह 6 बजे से लागू नई दरों के अनुसार CNG की कीमत में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद दिल्ली में CNG का नया रेट ₹83.09 प्रति किलो हो गया है। पिछले लगभग 2 हफ्तों में यह CNG कीमतों में चौथी बढ़ोतरी है। इस अवधि में कुल मिलाकर CNG करीब ₹6 प्रति किलो तक महंगा हो चुका है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। यह बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे ईंधन की कीमतों में आई तेजी का परिणाम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का सीधा असर भारत में ईंधन दरों पर देखा जा रहा है।
28 फरवरी के आसपास पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ना शुरू हुआ था। इसके बावजूद भारत में मई मध्य तक ईंधन कीमतों पर अपेक्षाकृत नियंत्रण देखा गया, और उस दौरान मुख्य रूप से रसोई गैस (LPG) की कीमतों और आपूर्ति पर ही असर दिखाई दिया था। हालांकि, 15 मई के बाद से स्थिति में बदलाव देखा गया और तेल कंपनियों ने धीरे-धीरे पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू कर दी। इसके बाद से ईंधन दरों में लगातार वृद्धि का सिलसिला जारी है।
कब-कब बढ़ा CNG का दाम?
जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी CNG के दाम तीन बार बढ़ाए जा चुके हैं। 15 मई को पहली बार CNG के रेट में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 18 मई को ₹1 प्रति किलो और फिर 23 मई को भी ₹1 प्रति किलो की वृद्धि की गई। आज की ताजा बढ़ोतरी को जोड़कर देखा जाए तो कुल मिलाकर पिछले लगभग दो हफ्तों में CNG के दामों में ₹6 प्रति किलो की बढ़ोतरी हो चुकी है। लगातार हो रही इन बढ़ोतरी से दिल्ली-एनसीआर में CNG वाहनों पर निर्भर ऑटो, टैक्सी और अन्य कमर्शियल वाहन चालकों की लागत बढ़ गई है। इसका असर आने वाले समय में यात्री किराए पर भी देखने को मिल सकता है।
युद्ध की वजह से बढ़ रहे हैं दाम
युद्ध की स्थिति के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल और गैस के रूप में विदेशों से आयात करता है। ऐसे में आपूर्ति मार्गों में बाधा और बाजार में अनिश्चितता के कारण कीमतों में तेजी देखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर तनावपूर्ण स्थिति और बाधित आपूर्ति ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जबकि युद्ध से पहले यह लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई थीं। कीमतों में इस तेज उछाल का असर पेट्रोल, डीजल और CNG की खुदरा दरों पर भी देखने को मिल रहा है।
आज पेट्रोल-डीजल का नहीं बढ़ा दाम
राजधानी दिल्ली में CNG की कीमतों में एक बार फिर ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, पेट्रोल और डीजल के मोर्चे पर आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है, क्योंकि तेल कंपनियों ने आज दोनों ईंधनों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले सोमवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 15 मई से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 बार बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके बावजूद आज इनकी दरें स्थिर रहने से उपभोक्ताओं को आंशिक राहत मिली है। उधर, घरेलू रसोई गैस (LPG) की कीमतों में भी फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और घरेलू सिलेंडर का रेट लंबे समय से स्थिर बना हुआ है। हालांकि, कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में युद्ध के बाद से तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, और इसमें अब तक करीब 47 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा चुकी है।
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