लोहरदगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक दुबे और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखेर भगत ने शुक्रवार को लोहरदगा में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया, जिसमे उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार द्वारा पारित खनन बिल के विरोध में आंदोलन का ऐलान किया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार खनिज संपदा पर राज्यों के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और देश के विकास में यहां के खनिज संसाधनों की बड़ी भूमिका है। ऐसे में खनिज संपदा से जुड़े अधिकारों में राज्यों की भूमिका कम करना संघीय व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
आर्थिक नाकेबंदी की दी चेतावनी
प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक दुबे ने कहा कि खनन बिल से झारखंड को होने वाले संभावित नुकसान के खिलाफ कांग्रेस व्यापक जनांदोलन करेगी। जरूरत पड़ने पर आर्थिक नाकेबंदी जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में झारखंड से खनिज पदार्थों को बाहर जाने से रोकने के लिए भी पार्टी आंदोलन कर सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्यों के अधिकार सीमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के हितों की अनदेखी कर खनिज संपदा से संबंधित कोई भी निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
7 सितंबर को राज्यपाल से मिलेगा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल
आलोक दुबे ने बताया कि 7 सितंबर को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात करेगा। इस दौरान राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर खनन बिल के प्रावधानों और इससे झारखंड को होने वाले संभावित नुकसान की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को राज्य के व्यापक हित से जोड़कर देख रही है और आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखेर भगत ने कहा कि पार्टी जनहित और राज्यों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रही है। उन्होंने कहा कि खनन बिल के खिलाफ गांव से लेकर जिला और राज्य स्तर तक कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन को मजबूत करेंगे।



