जम्मू और कश्मीर के पहले फिल्म फेस्टिवल में संपूर्ण राष्ट्र गीत वंदे मातरम का गायन होने पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस अपनी ही सहयोगी नेशनल कांफ्रेंस से काफी नाराज दिखी. कांग्रेस की आपत्ति के बाद भाजपा ने भी उस पर तीखा पलटवार किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘21वीं सदी की मुस्लिम लीग’ बन चुकी है. कांग्रेस पार्टी ने स्वतंत्रता सेनानियों के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि वही संस्करण गाया जाना चाहिए, जिसे कांग्रेस ने अपनाया है.
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन के दौरान सोमवार को ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरे गाये गए थे.
फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में संपूर्ण ‘वंदे मातरम’ के गायन में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत कई प्रमुख नेता करीब तीन मिनट 10 सेकंड तक सम्मान में सावधान की मुद्रा में खड़े रहे. संपूर्ण वंदे मातरम का गायन कांग्रेस को रास नहीं आया है और पूरा संस्करण गाए जाने के बाद कांग्रेस ने सहयोगी दलों से अपने रुख का समर्थन करने की अपील की.
कांग्रेस सांसद और पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह गीत को सांप्रदायिक रंग दिए जाने से बचाने के लिए सोच-समझकर किया गया फैसला था और आज भी यह खतरा उतना ही वास्तविक है.
वेणुगोपाल ने देश के कुछ महान स्वतंत्रता सेनानियों का हवाला देते हुए सहयोगी दलों से उनके फैसलों और विचारों का सम्मान करने की अपील की. कांग्रेस नेता ने अपने सहयोगियों से स्वतंत्रता सेनानियों की समझ और राय का सम्मान करने, पार्टी के साथ मिलकर उस ‘खूबसूरत और ऐतिहासिक गीत’ का वही वर्जन गाने की अपील की, जिसे पार्टी ने अपनाया था.
इसी बात को लेकर BJP सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि संपूर्ण वंदे मातरम के गायन को लेकर संसद से नियम पारित होने के बावजूद कांग्रेस महासचिव की आपत्ति ने पार्टी का ‘असली चेहरा’ सामने ला दिया है.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



