शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यशभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस ने इस पूरी कार्रवाई को भारतीय जनता पार्टी का झूठ और सोची-समझी साजिश करार देते हुए बड़ा मोर्चा खोल दिया है। इस मामले मे कांग्रेस सड़कों पर उतरकर विरोध जता रही है वहीं दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग के सामने कानूनी लड़ाई की तैयारी भी है।
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रोशनपुरा चौराहे पर दिग्गजों का सामूहिक उपवास
नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन जारी है। इस सामूहिक उपवास में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए है। कांग्रेस ने अपने सभी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से इस प्रदर्शन में एकजुट होकर तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।
दिल्ली में कांग्रेस डेलीगेशन की चुनाव आयोग से मुलाकात
इस पूरे मामले में प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाते हुए कांग्रेस का एक 10 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधमंडल दिल्ली पहुंचा है। इस डेलिगेशन को दोपहर 10 बजे केंद्रीय चुनाव आयोग के मुख्य अधिकारियों से मुलाकात का समय मिला है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में खुद कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन भी मौजूद रहेगी। कांग्रेस प्रतिनिधमंडल नामांकन खारिज करने के फैसले के खिलाफ अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराएगा और दोबारा निष्पक्ष समीक्षा की मांग करेगा।
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भोपाल में युवक कांग्रेस का अनोख प्रदर्शन, इलेक्शन कमीशन को देंगे RSS की गणवेश
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भोपाल में NSUI के कार्यकर्ता निर्वाचन पदाधिकारी के दफ्तर पहुंचे हैं। कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि चुनाव आयोग के स्थानी अधिकारी निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता की तरह पक्षपात कर रहे हैं। इसी भेदभाव और रवैये के विरोध में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता चुनाव आयोग के अधिकारियों को RSS की गणवेश भेंट करने पहुंचे हैं।

