अजय सैनी, भिवानी। बवानीखेड़ा में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बेघर हुए परिवारों की मदद के लिए कांग्रेस आगे आई है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं बवानीखेड़ा से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप नरवाल के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने भिवानी के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिवारों के पुनर्वास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति का जायजा लिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मकान टूटने के बाद कई परिवार गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और उन्हें तत्काल राहत की जरूरत है।

प्रदीप नरवाल ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में गरीब और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विकास परियोजना के लिए भूमि की आवश्यकता होती है तो प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, वैकल्पिक व्यवस्था और मानवीय अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत दी जाए

उन्होंने प्रशासन से मांग कि, प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत दी जाए। साथ ही बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, भोजन, पेयजल और सम्मानजनक जीवन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी ने कहा कि प्रशासन को इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को किसी भी स्थिति में असहाय नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

13 मई 2026 को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश

इस दौरान अधिवक्ता मनमोहन भुरटाना ने बताया कि सिविल न्यायालय भिवानी ने 13 मई 2026 को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इसके अलावा 26 मई 2026 के आदेश में भी स्पष्ट किया गया था कि स्थानीय पुलिस और अन्य पक्ष संबंधित मकानों में रहने वाले लोगों को वहां निवास करने से नहीं रोक सकते, जब तक कोई नया आदेश जारी न हो।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों के लिए चिकित्सा सुविधाएं, पुनर्वास, पशुधन की सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा और जीवन-यापन के साधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारी, पूर्व पार्षद और क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।