पटना। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित बिहार दौरे और 11 जुलाई को पटना में आयोजित होने वाले भव्य छात्र सम्मेलन को लेकर बिहार कांग्रेस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए पार्टी ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं और छात्रों को साधने की ठोस रणनीति तैयार की गई है।
जनसंपर्क और रथ अभियान की रूपरेखा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और 2025 विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा राज्यभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाना है। प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने सभी जिला प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर काम करें।
पार्टी ने छात्रों तक सीधे पहुंचने के लिए एक विशेष रथ अभियान की रूपरेखा तैयार की है। यह रथ विभिन्न जिलों के कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और छात्र बहुल इलाकों में जाएगा। कार्यकर्ता शिक्षण संस्थानों में कैंप लगाकर न केवल छात्रों की समस्याओं को सुनेंगे बल्कि उनकी शिकायतों को संकलित भी करेंगे ताकि उन्हें राहुल गांधी के सामने प्रमुखता से रखा जा सके।
पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर घेराबंदी
कांग्रेस ने राहुल गांधी के छात्र सम्मेलन के लिए ‘पेपर लीक’ और ‘बेरोजगारी’ को मुख्य हथियार बनाने का फैसला किया है। पार्टी का मानना है कि नीट (NEET), सीबीएसई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं ने छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है।
रणनीति यह है कि सम्मेलन में उन पीड़ित अभ्यर्थियों को विशेष आमंत्रित किया जाए जो परीक्षा घोटालों से सीधे प्रभावित हुए हैं। ये छात्र राहुल गांधी और जनता के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे। कांग्रेस इस मुद्दे को केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकार और भविष्य के साथ खिलवाड़ के रूप में पेश करेगी, जिससे भाजपा और राज्य सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
युवाओं को केंद्र में रखने की कवायद
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह सम्मेलन कांग्रेस के लिए एक बड़े शक्ति प्रदर्शन जैसा होगा। पार्टी ने तय किया है कि बिहार के युवाओं की सबसे बड़ी चिंता शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को ही उनका चुनावी एजेंडा बनाया जाएगा। ‘युवाओं की आवाज़’ को मंच देने की यह कवायद राज्य के युवाओं को कांग्रेस के साथ जोड़ने का एक बड़ा प्रयास है। इस आयोजन के माध्यम से कांग्रेस संदेश देना चाहती है कि वह बिहार के युवाओं के हक की लड़ाई में पूरी मजबूती के साथ खड़ी है।

