Sonam Wangchuk hunger strike: पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का भूख हड़ताल शुक्रवार को 20वें दिन भी जारी रहा। इस बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) उनसे मुलाकात करने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। उनकी मुलाकात से पहले कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वांगचुक के समर्थन में अपनी बात रखी। सोनम वांगचुक और कांग्रेस कथित पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और इस मामले में सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान वांगचुक ने अपनी मांगों पर सरकार से सकारात्मक पहल करने की अपील की है।

सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरी कांग्रेस

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के जंतर-मंतर पहुंचने से पहले पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार में जवाबदेही की कमी के कारण परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार में जवाबदेही का अभाव है, जिसकी वजह से परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है। पार्टी का कहना है कि इस पूरे मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

‘इसे सफल बनाकर ही छोड़ूंगा’

अरविंद केजरीवाल ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत चर्चा का विषय बन गई। मुलाकात के दौरान केजरीवाल ने वांगचुक से उनकी सेहत का हाल पूछते हुए कहा, “कैसे हैं आप? 19वां दिन।” इस पर सोनम वांगचुक ने हल्की मुस्कान के साथ जवाब दिया, “उस हिसाब से ठीक हूं।” इसके बाद केजरीवाल ने पूछा, “फीलिंग ऑल राइट?” इस पर वांगचुक ने सिर हिलाकर सहमति जताई। फिर केजरीवाल ने उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह करते हुए कहा, “आप ये छोड़ दीजिए।” इस पर सोनम वांगचुक ने जवाब दिया, “इसे सफल बनाना है।” इसके बाद उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “इसे सफल बनाकर ही छोड़ूंगा…” उन्होंने अपने आंदोलन को सफल बनाने के संकल्प पर जोर दिया।

डिंपल यादव और शिवसेना नेताओं ने की मुलाकात

वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और सांसद रुचि वीरा ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की और उनके आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

इसके अलावा शिवसेना की प्रवक्ता सुषमा अंधारे भी सोनम वांगचुक से मिलने जंतर-मंतर पहुंचीं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि कथित पेपर लीक मामले में छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

राज ठाकर ने भी वांगचुक का किया समर्थन

सोनम वांगचुक के समर्थन में अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे भी सामने आए हैं। उन्होंने वांगचुक की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है और केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार ने देश में विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को ही सीमित करने का फैसला कर लिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का पूरा अधिकार होना चाहिए। मनसे प्रमुख ने कहा कि पारदर्शिता केवल नीट परीक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि देश में आयोजित सभी प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में समान रूप से लागू होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और परीक्षा प्रणाली में लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

सोनम वांगचुक से मिले राकेश टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताई और उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। मुलाकात के बाद टिकैत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि युवाओं और छात्रों की आवाज नहीं सुनी गई, तो किसान भी उनके आंदोलन के समर्थन में उनके साथ खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि किसान और युवा मिलकर अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाएंगे। धरना स्थल पर मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, “ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सब तैयार हैं, चिंता मत करो…” उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो किसान आंदोलन का समर्थन करने के लिए आगे आएंगे। टिकैत ने भूख हड़ताल का जिक्र करते हुए कहा कि पहले के समय में शासक जनता की बात सुनते थे, लेकिन आज हालात अलग हैं। उन्होंने वर्तमान सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।

AAP नेता सौरभ भारद्वाज बोले- सत्याग्रह से उठा रहे देश का मुद्दा

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वांगचुक के आंदोलन में उन्हें महात्मा गांधी के सत्याग्रह की झलक दिखाई देती है और देशभर के लोगों को उनके समर्थन में आगे आना चाहिए। मीडिया से बातचीत में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब तक विभिन्न विपक्षी दलों के नेता, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य, सेना और न्यायपालिका से सेवानिवृत्त लोग जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात कर चुके हैं। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में लोग इसलिए समर्थन दे रहे हैं क्योंकि वे इस आंदोलन को अहिंसक तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। भारद्वाज ने कहा कि “आज सोनम वांगचुक के अंदर गांधी जी की झलक दिखाई देती है। वह सत्याग्रह के जरिए अपनी बात रख रहे हैं और अहिंसा के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग 20 जुलाई को इस आंदोलन के समर्थन में शामिल हों और संसद की ओर प्रस्तावित मार्च में हिस्सा लें।

‘मैं कोई एंटी-नेशनल नहीं हूं, फिर क्यों चुप रहूं?’ सोनाक्षी सिन्हा

अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर संवाद होना चाहिए और सरकार को वांगचुक की बात सुननी चाहिए। मीडिया से बातचीत में सोनाक्षी सिन्हा ने कहा, “कोई डायलॉग नहीं हो रहा है। कोई बात नहीं कर रहा। मतलब इनकी तरफ कोई मुड़कर देख भी नहीं रहा है। इसलिए मैंने तय किया है कि मैं क्यों चुप रहूं? मैं भी तो इस देश की नागरिक हूं। मैं भी इस देश का भला चाहती हूं। मैं कोई एंटी-नेशनल नहीं हूं, तो मैं क्यों चुप रहूं?” उन्होंने आगे कहा कि सोनम वांगचुक ने उनसे कहा, “आप मुझसे मत कहिए कि मैं अपना उपवास तोड़ूं। आप लोग सरकार से कहिए कि आप बात क्यों नहीं कर रहे हैं? आप इसको तवज्जो क्यों नहीं दे रहे हैं?”

आदित्य ठाकरे ने सोनम वांगचुक का किया समर्थन

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता आदित्य ठाकरे ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि सरकार युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है। आदित्य ठाकरे ने अपनी पोस्ट में लिखा कि “जिस मुद्दे पर सोनम वांगचुक दिल्ली में अनशन कर रहे हैं, उसके प्रति भाजपा सरकार की बेपरवाही से बस एक ही बात साबित होती है कि इस सरकार को युवा भारत की बिल्कुल भी चिंता नहीं है।”

उन्होंने कहा कि वांगचुक की मांग स्पष्ट है कि कथित पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराया जाए और उन्हें पद से हटाया जाए। आदित्य ठाकरे ने आगे लिखा कि “इस बेपरवाह और भ्रष्ट भाजपा सरकार के खिलाफ हम सभी को एक साथ आने की जरूरत है। चाहे पेपर लीक का मामला हो, इथेनॉल का मुद्दा हो या मंदिर का विषय, भाजपा की एक ही नीति है लोगों में फूट डालना और अपनी सत्ता बचाए रखना।”

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। लंबे समय से जारी अनशन के कारण उनकी सेहत लगातार गिरने की बात सामने आ रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। वांगचुक के अनशन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी चिकित्सकीय स्थिति पर नियमित नजर रखी जा सके। इधर, जंतर-मंतर पर जारी उनके आंदोलन को लेकर कई विपक्षी दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग उनसे मुलाकात कर समर्थन जता चुके हैं। वांगचुक कथित पेपर लीक मामले में कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं।

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