० ऑनलाइन पोर्टल की खामियों और लंबित लाभों को लेकर हजारों मजदूर सड़कों पर उतरे, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
काजल, हिसार। हरियाणा के हिसार में शुक्रवार को ऑनलाइन पोर्टल की समस्याओं और लंबित श्रमिक लाभों को लेकर हजारों निर्माण मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा के बैनर तले जुटे प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कार्यालय से कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के आवास तक मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
उपायुक्त कार्यालय से मंत्री आवास तक निकाला मार्च
संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा, हरियाणा (जिला हिसार) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में निर्माण मजदूर उपायुक्त कार्यालय पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और श्रम विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के आवास की ओर कूच किया।
बैरिकेड पर पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
मंत्री आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड हटाने के दौरान पुलिस और मजदूरों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बावजूद मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन जारी रखा।
इन मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे मजदूर
प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें श्रम कल्याण बोर्ड का ऑनलाइन पोर्टल तुरंत सुचारू किया जाए।रिजेक्ट किए गए निर्माण मजदूरों के पंजीकरण बहाल किए जाएं।लंबित श्रमिक लाभ (बेनिफिट) का शीघ्र भुगतान किया जाए।प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर अधिक संख्या में हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं।
कई श्रमिक नेताओं ने किया संबोधित
प्रदर्शन को भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा के राज्य अध्यक्ष मनोज सोनी, राज्य महासचिव सुखबीर, सीटू जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार, राज्य उपाध्यक्ष कश्मीर सिंह, सतबीर सिंह (राजू बरवाला), इंटक नेता कृष्ण नैन, जोरा सिंह, आजाद मीरान, राजेश चौबारा और श्रवण सहित कई श्रमिक नेताओं ने संबोधित किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता राजू बरवाला और जोरा सिंह ने संयुक्त रूप से की।

मंत्री के पुत्र को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के पुत्र रामचंद्र को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
मोर्चा के नेताओं ने बताया कि 11 जुलाई को कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के साथ बैठक प्रस्तावित है, जबकि 12 जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक होगी। इन बैठकों में निर्माण मजदूरों की समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा जाएगा।

