अजय सैनी , भिवानी। Haryana में बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। हाल ही में जारी Haryana Public Service Commission के भर्ती परिणामों पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र राज गागड़वास ने असिस्टेंट प्रोफेसर (साइकोलॉजी) भर्ती परिणामों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि 85 पदों के लिए निकाली गई भर्ती में केवल 3 उम्मीदवारों का चयन होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 82 पद खाली छोड़ देना योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय है।
बाहरी राज्यों के चयन पर आपत्ति
कांग्रेस प्रवक्ता ने असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों का चयन होना स्थानीय युवाओं के हितों के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि हरियाणा के योग्य युवा क्यों चयन प्रक्रिया में पीछे रह जाते हैं।
“बिना पर्ची-बिना खर्ची” पर तंज
भाजपा सरकार के “बिना पर्ची-बिना खर्ची” के नारे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जमीनी स्थिति इसके विपरीत है और प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है।
नरेंद्र राज गागड़वास ने यह भी मुद्दा उठाया कि आयोग के प्रमुख पद पर बाहरी राज्य के व्यक्ति की नियुक्ति हरियाणा की प्रतिभा और अस्मिता का अपमान है।
निष्पक्ष जांच और सुधार की मांग
उन्होंने मांग की कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और खाली छोड़ी गई सीटों के कारण स्पष्ट किए जाएं। साथ ही हरियाणा के युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया तो पार्टी सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेगी।

