शब्बीर अहमद, भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर “वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय” करने के प्रस्ताव पर जारी घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इस फैसले के विरोध में अब विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने इस प्रस्ताव की कड़ी निंदा की है, वहीं नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के सामने अनोखा प्रदर्शन किया है।
मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों का नाम मिटाना चाहती
ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने इस प्रस्ताव पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को इस समय शिक्षा के स्तर को सुधारने और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि नाम बदलने की राजनीति करनी चाहिए। शमशुल हसन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “सरकार धीरे-धीरे मुस्लिम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को इतिहास से मिटाना चाहती है। मौलाना बरकतउल्ला देश के महान क्रांतिकारी थे और उनका नाम हटाना उनके योगदान का अपमान है।”
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NSUI ने विश्वविद्यालय के सामने किया ‘सद्बुद्धि हवन’
इस बीच, छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के सामने बैठकर एक हवन का आयोजन किया। छात्रों ने यह हवन विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए किया। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम किसी भी कीमत पर नहीं बदला जाना चाहिए। यदि सरकार “वाग्देवी भोजपाल” के नाम पर कोई संस्थान शुरू करना ही चाहती है, तो किसी नए विश्वविद्यालय की स्थापना करे और उसे यह नाम दे, लेकिन स्थापित हो चुकी यूनिवर्सिटी के गौरवशाली इतिहास के साथ छेड़छाड़ न की जाए।
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लगातार गरमा रहा है मुद्दा
बता दें कि कार्य परिषद की बैठक में नाम बदलने का प्रस्ताव आने के बाद से ही भोपाल की राजनीति गरमाई हुई है। एक तरफ जहां कांग्रेस विधायक और इतिहासकार इस फैसले को स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक और छात्र संगठनों के सड़क पर उतरने से प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। फिलहाल, उच्च शिक्षा विभाग ने कहा है कि प्रस्ताव आने के बाद ही शासन स्तर पर इस पर कोई विचार किया जाएगा।

