चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के पटियाला जिले के समाना में आयोजित गौ कथा एवं गौ सेवा कार्यक्रम में कहा कि गौ सेवा भारत की महान आध्यात्मिक और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित होने के कारण आस्था, सेवा परंपरा और साझा सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम है।
कार्यक्रम में गौ सेवा समिति, एडवोकेट एसोसिएशन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री का स्मृति चिह्न और शाल भेंट कर स्वागत किया।

650 गौशालाओं में 4 लाख से अधिक बेसहारा गोवंश का संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले हरियाणा में करीब 200 गौशालाएं थीं और इनके लिए मात्र 2 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट उपलब्ध था। वर्तमान सरकार ने गौ संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में गौशालाओं की संख्या बढ़ाकर 650 कर दी है और बजट को बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये किया है।
उन्होंने बताया कि इन गौशालाओं में 4 लाख से अधिक बेसहारा गोवंश का पालन-पोषण किया जा रहा है। प्रदेश की 350 गौशालाओं में विशाल शेड और सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं। नई गौशालाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए जमीन की रजिस्ट्री पर लगने वाली 1 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी भी समाप्त कर दी गई है।
नशे के खिलाफ अभियान, युवाओं को खेलों से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे की सामाजिक बुराई से बचाने के लिए हरियाणा सरकार व्यापक अभियान चला रही है। नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए 2,000 खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इनमें प्रतिदिन लगभग 40 लाख युवा अभ्यास करते हैं।
उन्होंने हाल ही में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने कुल 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण पदक शामिल हैं। इनमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने 7 स्वर्ण पदक हासिल किए। इनमें 5 स्वर्ण पदक प्रदेश की बेटियों ने जीतकर देश और हरियाणा का नाम रोशन किया।
2014 के बाद स्वास्थ्य और रोजगार क्षेत्र में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क और रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश में नए मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, आईआईटी और आईआईएम स्थापित किए गए हैं।
हरियाणा का जिक्र करते हुए सैनी ने कहा कि प्रदेश के 22 में से 17 जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं। वर्ष 2014 से पहले हरियाणा को प्रतिवर्ष करीब 500 डॉक्टर मिलते थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 3,000 प्रतिवर्ष हो गई है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को बिना ‘पर्ची-खर्ची’ के पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं।
कार्यक्रम में स्वामी राजेश्वरानंद महाराज, हरमेश गोयल, नीरज जिंदल, राजेश जिंदल, एडवोकेट बलबीर सिंह, जितेंद्र, जसपाल सहित विभिन्न सामाजिक एवं संस्थागत प्रतिनिधि, धार्मिक गुरु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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