Rajasthan News: लखनऊ की उस दर्दनाक घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इसी हादसे से सबक लेते हुए जयपुर नगर निगम प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शहर भर की बिल्डिंगों में फायर सेफ्टी की जांच शुरू हो गई है। नियमों को ताक पर रखने वाले संस्थानों पर निगम का प्रवर्तन दस्ता जमकर बरस रहा है।

एक दिन में 18 कोचिंग सेंटर्स पर ताला

जयपुर की सड़कों पर मंगलवार का दिन कोचिंग संचालकों के लिए भारी रहा। नगर निगम की फायर विंग ने एक ही दिन में 18 प्रमुख कोचिंग सेंटर्स को सीज कर दिया। आलम यह है कि गोपालपुरा बाईपास से लेकर रिद्धि-सिद्धि चौराहे तक हड़कंप मचा है। अधिकतर जगहों पर वेंटिलेशन का कोई इंतजाम नहीं था। आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति थी।

इन संस्थानों की बढ़ गई मुश्किलें

नगर निगम ने नियमों की अनदेखी करने वाले 25 संस्थानों की लिस्ट जारी की है।

  • गोपालपुरा बाईपास: ASP Classes, VGP Classes, Rajasthan Jet Classes, Mad Guru, Aravali Classes, Next Guru, Career Will, Kautilyaaa Classes और Shivalaya Classes।
  • रामबाग मोड़: Kartik Competition Academy, International Classes, Gurukul Library, D.N. Classes और D.N. Library।
  • मुरलीपुरा: Saksham Coaching Classes और System Institute।

इनके अलावा, कई रूफटॉप रेस्टोरेंट जैसे Masala Trails, Brotzeit 95 और The Cook Restaurant को भी फायर सेफ्टी एनओसी न होने के कारण सीज कर दिया गया है।

लखनऊ जैसा मौत का जाल तो नहीं?

लखनऊ में जो हुआ, उसमें सबसे बड़ी वजह थी बेसमेंट में शॉर्ट सर्किट और बाहर निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता होना। जयपुर के अधिकारी अब इसी बात पर नजर रख रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, निगम की जांच में सामने आया है कि कई कोचिंग सेंटर बेसमेंट में चल रहे हैं। वहां न तो स्मोक अलार्म हैं और न ही फायर हाइड्रेंट्स। प्रशासन का कहना है कि यह सीलिंग अभियान अभी रुकने वाला नहीं है। छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। जिन संस्थानों ने नोटिस के बाद भी अपने सिस्टम दुरुस्त नहीं किए, उन पर ताला लटका ही रहेगा।

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