Business Desk – Crude Oil Price : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बजाय बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर इतिहास का सबसे बड़ा प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। इसके बाद शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला।

WTI क्रूड 86.624 डॉलर प्रति बैरल और Brent Crude 93.662 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस सप्ताह अब तक तेल की कीमतों में करीब 6% की तेजी आ चुकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ा तो क्या ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है?

ईरान पर सबसे बड़े प्रतिबंध की धमकी

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर दोहरा दबाव बना रहा है। उनके मुताबिक, प्रमुख जलमार्गों में ईरान के लिए पहले ही नाकाबंदी की जा चुकी है और अब अमेरिका उस पर इतिहास का सबसे बड़ा प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है।

बेसेंट ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ईरान की सरकार को गिरा देगा। अमेरिका की ओर से आए इस बयान ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। बाजार में भी इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है और निवेशक कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर सतर्क हो गए हैं।

क्या 100 डॉलर के पार जाएगा Brent Crude?

ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने की आशंका इसलिए बढ़ रही है क्योंकि तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने वाले किसी समझौते के संकेत नहीं दिख रहे हैं।

अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है और तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में Brent Crude के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार करने की संभावना को लेकर बाजार में चर्चा तेज हो सकती है।

हालांकि अभी यह निश्चित नहीं है कि तेल की कीमत 100 डॉलर के पार जाएगी। यह आगे अमेरिका-ईरान तनाव और सप्लाई पर पड़ने वाले असर पर निर्भर करेगा।

भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीद को झटका

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत के लिए भी चिंता बढ़ सकती है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में लंबे समय तक क्रूड के महंगा रहने पर तेल आयात का बिल बढ़ सकता है।

यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को झटका लग सकता है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम लंबे समय तक ऊंचे बने रहते हैं तो भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता होने के बजाय कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव बन सकता है। अगस्त 2026 में अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपए, डीजल 97.83 रुपए

  • शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपए प्रति लीटर है।
  • मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपए प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।
  • चेन्नई में पेट्रोल का भाव 107.76 रुपए प्रति लीटर और डीजल 99.55 रुपए प्रति लीटर है।
  • वहीं बैंगलोर में डीजल की कीमत 98.80 रुपए प्रति लीटर है। दिए गए आंकड़ों में बैंगलोर के पेट्रोल का रेट उपलब्ध नहीं है।

आगे तेल की कीमतों पर रहेगी नजर

फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजहों में अमेरिका-ईरान तनाव प्रमुख है। इस सप्ताह करीब 6% की तेजी के बाद बाजार की नजर अब अमेरिका की ओर से ईरान पर उठाए जाने वाले अगले कदम पर है। अगर तनाव और बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ क्रूड ऑयल पर नहीं, बल्कि भारत समेत दुनियाभर के आयातक देशों के ईंधन बाजार पर भी पड़ सकता है।