Business Desk – Crude Oil Price Today : पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के कथित हमले, हूती विद्रोहियों के हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार की चिंता बढ़ा दी है। इसी का असर यह रहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 फीसदी से अधिक उछलकर 88 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अचानक हमला किए जाने और इसके जवाब में अमेरिका की संभावित कार्रवाई की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। लगातार तीन दिनों की बड़ी गिरावट के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 87.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
ट्रंप-नेतन्याहू की बातचीत, कूटनीति पर जोर
बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की। दोनों देशों ने ईरान के मुद्दे पर सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया। इजराइल की ओर से भी संकेत दिए गए कि सभी पक्ष चाहते हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाया जाए।
पूरे महीने उतार-चढ़ाव में रहा तेल बाजार
जुलाई के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और लाल सागर तक संघर्ष फैलने की आशंका से कीमतों में तेजी आई थी। बाद में तनाव कुछ कम होने पर कीमतों में नरमी भी आई। अब एक बार फिर हालात बिगड़ने से बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता
दुनिया की तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बना हुआ है। निवेशक इस रास्ते से होने वाली तेल आपूर्ति पर लगातार नजर रखे हुए हैं, क्योंकि यहां जहाजों की आवाजाही अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।
इसी बीच ईरान ने ओमान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के नेविगेशन पर दोनों देशों के संयुक्त नियंत्रण का सुझाव दिया गया था। ईरान ने साफ कहा है कि आने वाले जहाजों का मार्ग पूरी तरह उसके नियंत्रण में होना चाहिए और बाहर जाने वाले मार्ग का भी एक हिस्सा उसके नियंत्रण में रहना चाहिए।
सऊदी अरब में भी सुरक्षा अलर्ट
क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ गई हैं। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के पूर्वी हिस्से में तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले ड्रोन को मार गिराया। मंत्रालय के मुताबिक, ये ड्रोन इराक से ईरान समर्थित मिलिशिया की ओर से भेजे गए थे।
बाजार की नजर अब आगे क्या होगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंध, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और पश्चिम एशिया के सुरक्षा हालात कच्चे तेल की कीमतों की दिशा तय करेंगे। तनाव और बढ़ता है या तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।


