शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सरकारी योजना की समीक्षा की। उन्होंने गौ पालन और आदर्श ग्राम बनाने के निर्देश दिए हैं। जल जीवन मिशन योजना की समीक्षा करते हुए रीवा, सिंगरौली, मऊगंज, सीधी और मुरैना के कलेक्टर को निर्देश दिए है। स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ-साथ नामांकन बढ़ाने और ड्रॉप आउट दर कम करने का टारगेट भी दिया है। साथ ही जनगणना से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों में चेकिंग और संवाद करने निर्देश, महिला दिवस से पहले प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में बच्चियों के लिए शौचालय का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिया है। समीक्षा के दौरान संकल्प से समाधान अभियान के तहत योजना का लाभ देने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य ऐसे क्षेत्र है, जो समाज के भविष्य को प्रभावित करते है। प्रदेश और समाज के विकास के लिए इन दोनों क्षेत्र में काम करना जरूरी है। शिक्षा विभाग की योजनाओं की जिलों में क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने शाला के बाहर के चिन्हांकित बच्चों में से एजुकेशन पोर्टल 3.0 में दर्ज विद्यार्थियों के प्रोफाइल प्रतिशत बढ़ाने पर जबलपुर संभाग और पन्ना-बालाघाट जिले की तारीफ की।
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उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य प्रदेश में किया जाना है, इसलिए जनगणना कार्य की अवधि को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र संचालित करें ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। बच्चों का एलिमेंट्री प्री स्कूल एजुकेशन सबसे महत्वपूर्ण है। यही पढ़ाई उनके आईक्यू में परिलक्षित होती है, इसलिए आगनबाड़ी में 3-6 वर्ष के बच्चों के पंजीयन को बढ़ाये। गांव में जाकर सैंपलिंग चेकिंग करें पालकों से वन टू वन चर्चा करे। इसके लिए अपने जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास के अधिकारियों के समन्वय से कार्य कराये।
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मुख्य सचिव ने 8 मार्च, महिला दिवस तक सभी सरकारी शालाओं में बालिका शौचालय के निर्माण को पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं। अनुराग जैन ने सरकारी स्कूलों के भवनों की आवश्यकतानुसार मरम्मत और निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीर्ण शीर्ण भवनों को डिस्मेंटल कराये और जरूरी होने पर बच्चों को दूसरे भवन में स्थानांतरित भी करें।

