पटना। बिहार में साइबर अपराधियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शातिरों ने अलग-अलग तरीकों से चार लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाकर कुल 21 लाख 40 हजार रुपए की भारी-भरकम राशि उड़ा ली है। इन सभी मामलों की शिकायत पीड़ित लोगों द्वारा साइबर थाने में दर्ज करा दी गई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दो मामलों में पीड़ितों के पास न तो कोई फोन कॉल आया और न ही उनके मोबाइल पर कोई ओटीपी (OTP) आया, फिर भी शातिरों ने उनके खातों से 11.14 लाख रुपए साफ कर दिए।
केस 1: न आया फोन, न आई ओटीपी और गायब हुए लाखो रुपए
पहला मामला बिहटा के कन्हाई शर्मा और उनकी पत्नी पुष्पा देवी से जुड़ा है। ये दोनों वर्तमान में हरियाणा में रहते हैं। जब वे अपने गांव लौटे और बैंक पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनके खाते से 9.50 लाख रुपए की अवैध निकासी हो चुकी है। दूसरा मामला एएन कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर रमेंद्र कुमार सिंह का है, जो अभी मुजफ्फरपुर में रह रहे हैं। उनके पीएनबी (PNB) खाते से बिना किसी कॉल या ओटीपी के सीधे 1.64 लाख रुपए कटने का मैसेज आया।
केस 2: शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 8.80 लाख की चपत
मीठापुर निवासी ओमप्रकाश के साथ व्हाट्सएप के जरिए बड़ी धोखाधड़ी हुई। उनके पास एक नामी कंपनी के फर्जी प्रोफाइल से मैसेज आया, जिसमें डिफॉल्ट शेयर में निवेश कर तगड़ा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया था। शुरुआत में छोटा निवेश करने पर उन्हें कुछ फायदा भी दिखाया गया। इसके बाद झांसे में आकर ओमप्रकाश ने 8.80 लाख का बड़ा निवेश कर दिया। लेकिन जब उन्होंने मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की, तो पैसे नहीं निकले और उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
केस 3: बिजली अधिकारी बनकर वीडियो कॉल, 1.46 लाख गायब
कंकड़बाग के अशोक नगर के रहने वाले शैलेश कुमार सिन्हा को एक जालसाज ने बिजली अधिकारी बनकर कॉल किया। उसने डराया कि आपका मीटर ब्लॉक हो गया है और तुरंत रिचार्ज न करने पर बिजली काट दी जाएगी। शातिर ने 100 का रिचार्ज करने के लिए एक लिंक भेजा। जैसे ही शैलेश ने उस लिंक पर क्लिक कर भुगतान किया, उनका फोन हैक हो गया और खाते से 1.46 लाख रुपए उड़ा लिए गए।
साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियम
- अपने बैंक खातों और सोशल मीडिया के पासवर्ड को हमेशा बेहद मजबूत रखें और इन्हें हर कुछ महीनों में बदलते रहें।
- सुरक्षा की अतिरिक्त परत के लिए अपने फोन और सभी जरूरी डिजिटल अकाउंट्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन हमेशा ऑन रखें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने जरूरी दस्तावेज जैसे पैन, [Aadhaar Redacted] की फोटो या बैंक अकाउंट नंबर कभी साझा न करें।
- कभी भी किसी अनधिकृत व्यक्ति या अनजान दुकान पर अपना बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान) देने से बचें।
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक करके या अनधिकृत सोर्स से कोई भी मोबाइल ऐप डाउनलोड न करें।
- बिजली बिल का भुगतान हमेशा बिजली कंपनी के आधिकारिक ऐप (जैसे ‘सुविधा ऐप’) के माध्यम से ही करें।
- यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

