सुप्रिया पांडेय, रायपुर। साइबर अपराध आज बड़ी चुनौती बना हुआ है, ऐसे में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए नया अपराधी कानून अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है. प्रदेश में नौ साइबर थाने शुरू किए गए हैं, ताकि साइबर अपराधों को रोका जा सके. यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डिजिटल न्याय कार्यशाला के पहले मीडिया से चर्चा में कही.

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मुख्यमंत्री साय ने नये आपराधिक कानूनों के माध्यम से डिजिटल न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने संबंधी विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला के शुरू होने से पहले मीडिया से चर्चा में कहा कि नए कानून को लेकर आज की यह कार्यशाला बेहद महत्वपूर्ण है. पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में नए कानून प्रभावी रूप से काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अपराध होता है तो अपराधियों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल साक्ष्य उपयोगी होते हैं. सीसीटीवी के माध्यम से कई महत्वपूर्ण सबूत मिल जाते हैं. मोबाइल चैट्स , डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक की काफी मदद मिलती है. CCTNS से काफी मदद मिली है. पूरे देश के थाने इसमें रजिस्टर्ड हैं.

राजधानी में आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अलावा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, उप मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री विजय शर्मा और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी मौजूद हैं. कार्यशाला में डिजिटल तकनीकों के समावेश से न्याय व्यवस्था को नया आयाम देने की पहल, अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली, अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली के साथ ही डिजिटल न्यायिक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन होगा.

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