सतीश दुबे, डबरा। डबरा सिटी थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जाली मुद्रा मामले में पिछले 22 वर्षों से फरार चल रहे 5,000 रुपये के इनामी आरोपी और पूर्व BSF जवान अरविंद सिंह जाट को पुलिस ने डबरा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह द्वारा इनाम घोषित किया गया था।
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BSF आरक्षक से फल का ठेला लगाने तक; ऐसे खुला 22 साल पुराना राज
BSF जवान से बना भगोड़ा: आरोपी अरविंद सिंह जाट टेकनपुर BSF अकादमी की 78 बटालियन में आरक्षक के पद पर तैनात था। वर्ष 2004 में छुट्टी के दौरान उसके पास से जाली मुद्रा पकड़ी गई थी।
2004 का जाली नोट गिरोह: अरविंद और उसकी गैंग ने नकली नोट बनाकर डबरा व टेकनपुर के कई दुकानदारों से खरीदारी की थी। दुकानदारों की शिकायत के बाद इस बड़े जाली मुद्रा रैकेट का खुलासा हुआ था।
सजा के बाद बदला पहचान और ठिकाना
2004 में कोर्ट ने उसे 1 साल की सजा सुनाई थी। जेल से बाहर आने के बाद वह अदालत की पेशियों से गायब हो गया और परिवार-रिश्तेदारों से नाता तोड़कर हरियाणा के फरीदाबाद (बल्लभगढ़) चला गया।
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नई जिंदगी और गिरफ्तारी
फरीदाबाद में शादी कर उसने नई शुरुआत की, जहां वह फल का ठेला लगाकर परिवार चला रहा था। 22 साल बाद वह किसी निजी काम से डबरा आया, जहां मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने उसे दबोच लिया।
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