सतीश दुबे, डबरा(ग्वालियर)। देहात थाना क्षेत्र के लखिया गांव में जूली गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने लैब रिपोर्ट आने के बाद पिता, भाई, चाचा सहित छह लोगों पर हत्या का अपराध दर्ज किया है। यह मामला ऑनर किलिंग से जुड़ा बताया जा रहा है।
गला दबाकर जूली की हत्या
जानकारी के अनुसार, डबरा देहात के लखिया गांव निवासी किशन सिंह गुर्जर की 33 वर्षीय विवाहित पुत्री जूली 3 मई को लापता हो गई थी। उसे 7 मई को मुरैना के चौखोटी से बरामद किया गया। जूली चौखोटी निवासी रवि गुर्जर के साथ चली गई थी। इस घटना के बाद किशन सिंह का परिवार समाज में अपनी बेइज्जती महसूस कर रहा था। इसी के चलते 8 मई की रात किशन गुर्जर ने गला दबाकर जूली की हत्या कर दी।
घटना के 26 दिन बाद मामला पुलिस तक पहुंचा
हत्या के बाद परिवार के अन्य सदस्यों ने उसी रात शव को खेत पर ले जाकर जला दिया और अस्थियों को इधर-उधर बिखेर दिया। लगभग 26 दिन बाद, 3 जून को गांव में इस घटना की चर्चा पुलिस तक पहुंचीं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जूली के पिता किशन सिंह गुर्जर, भाई दीपक गुर्जर और रामसेवक गुर्जर को हिरासत में लिया। 4 जून को पुलिस ने खेत से जूली के अवशेष (हड्डियां) बरामद किए।
लैब रिपोर्ट आने के बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने खेतों से जो अवशेष बरामद किए थे वह हड्डियां इंसान की ही है इसके लिए अवशेषों का मेडिकल टेस्ट होना था कि वह इंसान की है या नहीं? मामले में लैब रिपोर्ट में उन हड्डियों की पुष्टि इंसानी हड्डी के रूप में हुई ।जिसके बाद पुलिस ने एक बार फिर पूरी कहानी समझी और मामले में वारदात करने के साथ उसमें सहयोग देने वाले सभी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज किया।
डीएनए टेस्ट के लिए भेजा जाएगा
पूरी वारदात किशन सिंह गुर्जर द्वारा अंजाम दी गई। इसके बाद रात में ही उन्होंने अपने भाई बलवंत, लड़के धीरज, दीपक रामसेवक एवं भतीजे प्रदीप उर्फ करुआ के साथ मिलकर सूरा वाले खेत में लाश को जला दिया और दूसरे खेत में जूली की अस्थियां दफना और बिखेर दी थी। इस आधार पर पुलिस ने सभी 6 लोगों के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज किया है। एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर का कहना है कि पुत्री की हत्या कर उसके शव को खेत में जलाने वाले पिता चाचा और भाइयों सहित 6 लोगों पर हत्या का अपराध दर्ज किया है। मामले में अब डीएनए मैच करने के लिए अवशेषों को टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। फिलहाल 3 आरोपी गिरफ्तार और तीन की तलाश जारी है।

