पटना। दानापुर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रूपसपुर थाना क्षेत्र के विजय नगर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक युवक ने अपनी ही प्रेमिका और उसके मुंहबोले चाचा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

​लिव-इन विवाद और मारपीट से शुरू हुआ मामला

​आरोपी प्रेमी की पहचान राहुल उर्फ गब्बर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से आरा के गांगी सिंह कॉलोनी का रहने वाला है। वह मुस्कान कुमारी नामक युवती के साथ रूपसपुर इलाके में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। किसी घरेलू बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई। आरोप है कि राहुल ने गुस्से में आकर मुस्कान के साथ मारपीट की। इस प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने अपने मुंहबोले चाचा विनायक सिंह को अपने किराए के मकान पर बुला लिया।

​मकान के पास जमकर चली गोलियां

​जब युवती के चाचा विनायक सिंह मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने आरोपी राहुल से बातचीत की और मुस्कान को अपने साथ ले जाने की बात कही। इससे आरोपी राहुल बुरी तरह भड़क गया। उसने पहले मकान के ऊपर से नीचे खड़े विनायक पर दनादन फायरिंग शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती फायरिंग में गोलियां विनायक को नहीं लगीं, जिसके बाद दोनों बातचीत के लिए मकान के अंदर गए।
​बातचीत के दौरान विवाद और बढ़ गया। आरोपी गब्बर ने आपा खोते हुए विनायक पर फिर से चार राउंड गोलियां दाग दीं। अपनी जान बचाकर खड़े चाचा को बचाने के लिए जब प्रेमिका मुस्कान बीच-बचौव में आई, तो गुस्से में अंधे हो चुके गब्बर ने उसे भी दो गोली मार दी और मौके से फरार हो गया।

​आरोपी का आपराधिक इतिहास और हथियारों का इस्तेमाल

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। घायलों मुस्कान और विनायक के बयान पर रूपसपुर थाने में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। पटना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी गब्बर को दबोच लिया। घायल विनायक आरपीएस मोड़ के पास रहते हैं और अपने भाई के साथ ठेकेदारी का काम संभालते हैं।
​जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी गब्बर का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी एक गैंगरेप के मामले में जेल की हवा खा चुका है। वर्ष 2020 में बोरिंग रोड चौराहे के पास एक छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म की घटना में उसकी संलिप्तता पाई गई थी। इस बार उसने जिस पिस्तौल से फायरिंग की, वह उसके बालू कारोबारी पिता के नाम से लाइसेंसी है, लेकिन हथियार हमेशा गब्बर के ही पास रहता था। पुलिस अब इस लाइसेंसी हथियार का परमिट रद्द कराने की प्रक्रिया में जुट गई है।
​मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी अजित कुमार ने बताया कि यह पूरी वारदात लिव-इन रिलेशनशिप के विवाद का नतीजा है। घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा किया जा सके।