फिरोज अहमद, दरभंगा। जिले के नेहरा थाना क्षेत्र के राघोपुर स्थित ऐतिहासिक पुजारी बाबा स्मारक सह रामजानकी मंदिर में बीती रात आधा दर्जन हथियारबंद अपराधियों ने दुस्साहसिक चोरी की घटना को अंजाम दिया। लाठी-डंडों और हथियारों से लैस 5 से 6 की संख्या में पहुंचे अज्ञात बदमाशों ने मंदिर परिसर में जमकर तांडव मचाया। अपराधी भगवान का कीमती मुकुट, विशेष पोशाक, आभूषण और दानपेटी व अन्य स्रोतों से रखे करीब 5000 रुपये नकद लेकर आसानी से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
रात के अंधेरे में बदमाशों ने की घेराबंदी
मंदिर के पुजारी द्वारा नेहरा थाने में दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, यह पूरी घटना बीती रात लगभग 12:30 बजे की है। आधे दर्जन की संख्या में आए बदमाश अचानक मंदिर परिसर में दाखिल हो गए। उनके हाथों में लाठी, डंडे और घातक हथियार थे। मंदिर में घुसते ही कुछ अपराधियों ने तुरंत पुजारी के शयनकक्ष के बाहर पहरेदारी शुरू कर दी, ताकि कोई बाहर न निकल सके। जब पुजारी ने इस संदिग्ध गतिविधि और चोरी का विरोध करने की कोशिश की, तो बदमाशों ने उन्हें तुरंत जान से मारने की धमकी दी और हथियार के बल पर चुपचाप बिस्तर पर ही लेटे रहने का दबाव बनाया। इसके बाद अपराधियों ने बेखौफ होकर मंदिर के गर्भगृह को खंगाला और भगवान के मुकुट, कीमती पोशाक, आभूषणों के साथ-साथ पुजारी के पास रखे करीब 5000 रुपये नकद लूट लिए।
सुबह फैली सनसनी, पुलिस प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
अगली सुबह जब पुजारी ने जागकर घटना की जानकारी मंदिर कमेटी के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों को दी, तो हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने फौरन डायल 112 पर कॉल कर पुलिस प्रशासन को वारदात की सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की गंभीरता से जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
यह मंदिर सकरी-धरोड़ा मुख्य सड़क पर स्थित हीरा फ्यूल पेट्रोल पंप के ठीक सामने बना हुआ है। यह एक अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां दिन-रात लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे व्यस्त और प्रमुख इलाके में स्थित मंदिर में हथियारबंद अपराधियों का इस तरह बेखौफ होकर घुसना, पुजारी को बंधक बनाकर धमकाना और चोरी की घटना को अंजाम देकर सुरक्षित फरार हो जाना स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
ग्रामीणों में आक्रोश, जल्द खुलासे की मांग
घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और मंदिर कमेटी के सदस्यों में पुलिस के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि व्यस्त सड़क पर बने धार्मिक स्थल सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया जाए। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की जल्द पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और मंदिर से चोरी गए सामान की सकुशल बरामदगी की जाए। फिलहाल, पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी हुई है और यह देखना अहम होगा कि खाकी इस दुस्साहसिक वारदात का पर्दाफाश कब तक कर पाती है।


