Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की अंदरूनी लड़ाई एक बार फिर सरेआम आ गई है। इस बार अखाड़ा बना है दौसा जिला। यहां जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में पूर्व विधायक राजेंद्र पारीक ने तो हंसते हुए पूर्व सीएम गहलोत पर सीधा निशाना साध दिया। उन्होंने कहा कि बुढ़ापे में ऐसा हो जाता है।

यह बयान आते ही वहां मौजूद नेताओं के चेहरे देखने लायक थे। वहीं दूसरी तरफ, पायलट गुट के सिपहसालार और दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने विवाद को दबाने की कोशिश की। उन्होंने बहुचर्चित मानेसर कांड को महज घर की बात बताकर पल्ला झाड़ लिया।

पायलट को अध्यक्ष बनाने की खुली वकालत

दौसा में सोमवार को कांग्रेस का शपथ ग्रहण और मंथन कार्यक्रम चल रहा था। तभी मीडिया ने राजेंद्र पारीक से गहलोत और पायलट गुट की तनातनी पर सवाल दाग दिया। पारीक ने पहले तो हंसकर बात टालनी चाही। लेकिन जब सचिन पायलट को फिर से राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की बात उठी, तो उन्होंने खुलकर बैटिंग की। पारीक बोले कि अगर पायलट अध्यक्ष बनते हैं, तो यह पार्टी के लिए बहुत अच्छी बात होगी।

10 करोड़ लेने के आरोप बिल्कुल झूठे

इस बैठक में सबसे ज्यादा नजरें सांसद मुरारीलाल मीणा पर थीं। उन पर मानेसर कांड के दौरान 10 करोड़ रुपये लेने के आरोप लगे थे। इस पर सफाई देते हुए मीणा भड़क गए। उन्होंने कहा कि ये सारे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और बकवास हैं। अगर मैंने कोई सौदा किया होता, तो आज जनता के बीच खड़े होकर छाती ठोककर भाषण नहीं दे रहा होता।

बीजेपी पर फोड़ा साजिश का ठीकरा

सांसद मुरारीलाल मीणा ने अपनी ही पार्टी के विवादों पर पर्दा डालते हुए सारा ठीकरा बीजेपी पर फोड़ दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार गिराने की पूरी साजिश रची थी, लेकिन हम किसी लालच में नहीं आए। मीणा ने सचिन पायलट को ऊर्जावान और युवा चेहरा बताते हुए कहा कि अगला अध्यक्ष कौन बनेगा, यह फैसला दिल्ली में बैठे आलाकमान को ही करना है।

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