अशोक कुमार जायसवाल, डीडीयू नगर. सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले की अगली सुनवाई तक प्रशासन को किसी भी तरह की आगे की ध्वस्तीकरण कार्रवाई से रोकने का निर्देश दिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी. जानकारी के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले भवनों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को चुनौती देते हुए 22 भवन स्वामियों और व्यापारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिकाकर्ताओं ने प्रशासन की कार्रवाई को नियमों के विपरीत बताया था.
इस पर सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने संबंधित अधिकारियों से इस कार्रवाई के संबंध में जारी सभी निर्देश और रिकॉर्ड अगली तारीख पर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण किस आधार पर किया जा रहा है, इसकी पूरी प्रक्रिया का ब्योरा पेश किया जाए. डिवीजन बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय पर संबंधित निर्देश और अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए, तो जिलाधिकारी चंदौली को स्वयं रिकॉर्ड के साथ न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना पड़ सकता है.
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याचिकाकर्ताओं का कहना है कि बुधवार को सुनवाई के बाद न्यायालय के आदेश की जानकारी अधिकारियों को मौखिक रूप से दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कुछ देर तक जारी रही. हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रभावित व्यापारियों और भवन स्वामियों को फिलहाल राहत मिली है. अब सभी की नजर 25 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई है, जहां इस मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है.
मुख्य बिंदु:
- सड़क चौड़ीकरण के तहत चल रही थी ध्वस्तीकरण कार्रवाई
- 22 भवन स्वामियों ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका
- अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर रोक
- अधिकारियों से मांगे गए निर्देश और रिकॉर्ड
- 25 मई को होगी अगली सुनवाई

