पश्चिम बंगाल के तारापीठ में मंदिर के पास स्थित एक होटल में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई. ‘बिदेशिनी’  होटल में हुए अग्निकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल मालिक प्रवीर कुमार पाल को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले उनके बेटे कल्याण पाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया है कि इमरजेंसी एग्जिट और छत की ओर जाने वाला रास्ता बंद था.

सोमवार तड़के होटल के ग्राउंड फ्लोर पर अचानक आग लग गई. यह होटल बंगाल की सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक, तारापीठ में एक प्रमुख जगह पर स्थित है.

होटल में लगी आग में मरने वालों में मेघालय के एक ही परिवार के पांच सदस्य और अलीपुरद्वार के चार लोग शामिल हैं. मृतकों में दो बच्चे भी बताए गए हैं. प्रारंभिक जांच में आग होटल के ग्राउंड फ्लोर स्थित रिसेप्शन क्षेत्र में लगे एसी के MCB में शॉर्ट सर्किट से शुरू होने की आशंका जताई गई है.

हादसे के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और बचे लोगों के अनुसार, होटल के पीछे का आपातकालीन निकास और छत की ओर जाने वाला रास्ता कथित तौर पर बंद था.

पुलिस ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है.होटल मालिक के बेटे कल्याण पाल को पहले हिरासत में लेकर काफी देर तक पूछताछ की गयी. घटना के बाद होटल मालिक प्रवीर कुमार पाल फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने मंगलवार को उसे भी गिरफ्तार कर लिया.

तारापीठ अग्निकांड को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. होटल मालिक और उनके बेटे की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस दोनों से पूछताछ कर, राहत एवं बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं यह जानने की कोशिश करेगी. हादसे के बाद प्रशासन ने आगामी कौशिकी अमावस्या के मद्देनजर तारापीठ के होटल, लॉज और होमस्टे की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए हैं.

कुछ लोग पाइप के सहारे नीचे उतरे, जबकि कुछ ने पेड़ों के जरिए जान बचाने की कोशिश की. आशंका जताई गयी है कि कुछ लोग जान बचाने के उद्देश्य से पास के तालाब में भी कूद गए.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m