० केंद्र सरकार के निर्णय पर टिकी निगाहें, सेवा विस्तार नहीं मिला तो नए मुख्य सचिव की नियुक्ति तय
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के सेवा विस्तार को लेकर सोमवार को बड़ा फैसला हो सकता है। उनका एक वर्ष का सेवा विस्तार 30 जून को समाप्त हो रहा है। राज्य सरकार उनकी सेवा अवधि तीन महीने से लेकर एक वर्ष तक बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज चुकी है। अब अंतिम निर्णय केंद्र स्तर पर लिया जाना है।
यदि अनुराग रस्तोगी को दोबारा सेवा विस्तार मिलता है तो वे मुख्य सचिव के पद पर बने रहेंगे। वहीं, एक्सटेंशन नहीं मिलने की स्थिति में राज्य को नया मुख्य सचिव मिलेगा। ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि रस्तोगी को हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग (HRSC) का मुख्य आयुक्त बनाया जा सकता है।
एक्सटेंशन मिला तो क्या होगा जानिए यहां
रस्तोगी को दूसरा सेवा विस्तार मिलने पर कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की मुख्य सचिव बनने की उम्मीदों को झटका लग सकता है। वरिष्ठता के आधार पर 1990 बैच के दो अधिकारी इस पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं।
मुख्य सचिव पद के प्रमुख दावेदार
- सुधीर राजपाल
1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल वर्तमान में गृह, कारागार, आपराधिक जांच एवं न्याय प्रशासन, पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। उनका कार्यकाल नवंबर 2026 तक है। वरिष्ठता और महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी के चलते उन्हें मुख्य सचिव पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। - डॉ. सुमिता मिश्रा
1990 बैच की आईएएस अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा के पास राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और आयुष जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी है। उनका सेवानिवृत्ति कार्यकाल जनवरी 2027 तक है। प्रशासनिक अनुभव और प्रमुख विभागों पर पकड़ उन्हें इस दौड़ में मजबूत दावेदार बनाती है। - अरुण कुमार गुप्ता
1992 बैच के आईएएस अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव होने के साथ-साथ वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से करीबी समन्वय और प्रशासनिक अनुभव उन्हें भी मुख्य सचिव पद की दौड़ में बनाए हुए है।
फिलहाल पूरे मामले पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार के निर्णय पर निर्भर है। केंद्र की मंजूरी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अनुराग रस्तोगी को सेवा विस्तार मिलेगा या हरियाणा को नया मुख्य सचिव मिलेगा।

