रोहतास। जिले के डेहरी-डालमिया नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की शनिवार रात औरंगाबाद में हत्या कर दी गई। इस मामले में डेहरी के विधायक राजीव रंजन सिंह पर 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और हत्या कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। वहीं, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

​घटना का विवरण

​शनिवार शाम विमल कुमार डेहरी में आयोजित एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपनी कार से पटना के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र के घनौती पुल के पास वह गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। उन्हें तुरंत रोहतास के जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

​पत्नी के आरोप और विधायक की सफाई

  • ​पत्नी के आरोप: मृतक की पत्नी बबीता ने डेहरी के विधायक राजीव रंजन पर आरोप लगाया कि वे रोज फोन करके 50 लाख रुपए की मांग करते थे और पैसे न मिलने पर उनके पति की हत्या करवा दी गई। उन्होंने न्याय की गुहार लगाई है।
  • ​विधायक का पक्ष: विधायक राजीव रंजन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची जा रही है। उन्होंने अपनी कॉल डिटेल की जांच कराने की मांग की है और कहा कि विमल कुमार से उनकी बातचीत केवल जनता की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर होती थी।

​पुलिस जांच और ड्राइवर की गिरफ्तारी

​शुरुआती जांच के दौरान पुलिस का शक तब गहराया जब कार का ड्राइवर मिथलेश कुमार बार-बार अपने बयान बदलने लगा। उसके कपड़ों पर खून के धब्बे मिलने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
​मगध रेंज के आईजी विकास वैभव के अनुसार, पूछताछ में ड्राइवर मिथलेश ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है। उसने बताया कि काम के दबाव और आपसी विवाद के चलते पटना जाते समय रास्ते में गाड़ी रोकने को लेकर बहस हुई थी, जिसके बाद उसने कार में रखी लोहे की रॉड से विमल कुमार पर हमला कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि करीब छह महीने पहले विमल कुमार ने उसे काम से हटा दिया था, लेकिन बाद में दोबारा रख लिया था। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।