अजय सैनी ,भिवानी।कुरुक्षेत्र में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले को लेकर हरियाणा में विरोध तेज होता जा रहा है। भिवानी में आयोजित विभिन्न कर्मचारी, महिला, किसान और मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक में पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष Renu Bhatia के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई गई।

बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो राज्यभर में नर्सिंग ऑफिसर्स, कर्मचारी, किसान, मजदूर और महिला संगठन संयुक्त आंदोलन शुरू करेंगे।

कई संगठनों ने बनाई आंदोलन की रणनीति

बैठक में नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन, सीटू, जनवादी महिला समिति, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और किसान सभा के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। नेताओं ने निर्णय लिया कि जल्द ही एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और महिला आयोग की अध्यक्ष से मुलाकात करेगा।
संगठनों ने मांग की कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले को दुर्लभतम श्रेणी का अपराध मानते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में नियमित सुनवाई कराई जाए और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

सोशल मीडिया ट्रायल पर भी जताई आपत्ति

बैठक में नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और सोशल मीडिया ट्रायल पर भी नाराजगी जताई गई। संगठनों ने मांग की कि नर्सों की छवि धूमिल करने वाले बयानों और पोस्टों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

संयुक्त बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि सभी सरकारी और निजी अस्पतालों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। साथ ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के खाली पदों को स्थायी भर्ती के माध्यम से जल्द भरा जाए।

सरकार को आंदोलन की चेतावनी

संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तो प्रदेशभर में गेट मीटिंग, प्रदर्शन और व्यापक संयुक्त आंदोलन शुरू किया जाएगा। भिवानी में हुई इस बैठक के बाद मामला अब केवल एक संगठन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कर्मचारी, महिला और किसान संगठनों का साझा मुद्दा बनता नजर आ रहा है।